मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बागेश्वर में पंचम सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ किया। जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
घटना कैसे हुई और क्या है पूरा मामला
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बागेश्वर में पंचम सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ किया।
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाददाता, बागेश्वर । सीमांत पर्वतीय क्षेत्रों के बच्चों को विज्ञान और आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए प्रदेश सरकार विद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ( एआई ), रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक को बढ़ावा देगी।
विज्ञान प्रयोगशालाओं को एआई से जोड़ने के साथ हर विकासखंड में एक-एक लैब ऑन व्हील्स स्थापित करने की दिशा में काम होगा। शोध और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की। प्रदेश के सभी जिलों में विज्ञान एवं नवाचार केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।
शुक्रवार को मंडलसेरा स्थित विवेकानंद इंटर कालेज में उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकास्ट) के तत्वावधान में आयोजित पंचम सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने ये घोषणाएं कीं।
मुख्य पुष्ट तथ्य और जांच के अहम बिंदु
- •मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बागेश्वर में पंचम सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ किया।
- •जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
- •संवाददाता, बागेश्वर । सीमांत पर्वतीय क्षेत्रों के बच्चों को विज्ञान और आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए प्रदेश सरकार विद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ( एआई ), रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक को बढ़ावा देगी।
- •विज्ञान प्रयोगशालाओं को एआई से जोड़ने के साथ हर विकासखंड में एक-एक लैब ऑन व्हील्स स्थापित करने की दिशा में काम होगा। शोध और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की। प्रदेश के सभी जिलों में विज्ञान एवं नवाचार केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।
- •शुक्रवार को मंडलसेरा स्थित विवेकानंद इंटर कालेज में उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकास्ट) के तत्वावधान में आयोजित पंचम सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने ये घोषणाएं कीं।
- •महोत्सव में चमोली, चंपावत, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ के 240 चयनित बाल वैज्ञानिक प्रतिभाग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से संवाद किया, उनकी जिज्ञासाओं के उत्तर दिए और उन्हें वैज्ञानिक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
- •मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दौर विज्ञान, तकनीक और नवाचार का है। बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें नए प्रयोग करने, सवाल पूछने और अपने विचारों को वास्तविक रूप देने का प्रयास करना चाहिए। बाल वैज्ञानिकों की जिज्ञासा ही भविष्य के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और शोधकर्ताओं की नींव है।
- •यह भी पढ़ें- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सुरक्षा और होगी पुख्ता, इसके पीछे क्या है वजह?
- •सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण और सीमांत क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी आधुनिक तकनीक सीखने के समान अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
- •बच्चों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने डा. एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान करते हुए कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण, लगन और निरंतर प्रयास से नई उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
आधिकारिक कार्रवाई और आगे की स्थिति
महोत्सव में चमोली, चंपावत, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ के 240 चयनित बाल वैज्ञानिक प्रतिभाग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से संवाद किया, उनकी जिज्ञासाओं के उत्तर दिए और उन्हें वैज्ञानिक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दौर विज्ञान, तकनीक और नवाचार का है। बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें नए प्रयोग करने, सवाल पूछने और अपने विचारों को वास्तविक रूप देने का प्रयास करना चाहिए। बाल वैज्ञानिकों की जिज्ञासा ही भविष्य के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और शोधकर्ताओं की नींव है।
यह भी पढ़ें- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सुरक्षा और होगी पुख्ता, इसके पीछे क्या है वजह?
सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण और सीमांत क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी आधुनिक तकनीक सीखने के समान अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
बच्चों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने डा. एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान करते हुए कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण, लगन और निरंतर प्रयास से नई उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि विज्ञान आधारित शिक्षा को मजबूत करने के लिए देहरादून में साइंस सिटी और चंपावत में साइंस सेंटर विकसित किया जा रहा है। सभी जिलों में विज्ञान एवं नवाचार केंद्र बनने से विद्यार्थियों को प्रयोग करने, वैज्ञानिक गतिविधियों में भाग लेने और नए विचार विकसित करने के अवसर मिलेंगे। विद्यालयों की विज्ञान प्रयोगशालाओं को एआई से जोड़ने और विकासखंड स्तर पर लैब आन व्हील्स की व्यवस्था से तकनीकी शिक्षा की पहुंच व्यापक होगी।
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ताजा स्थिति व आगे का अपडेट
इस घटनाक्रम पर संबंधित अधिकारियों और प्रशासनिक स्तर पर निरंतर समीक्षा जारी है। ताजा आधिकारिक सूचना के आधार पर विवरण को अद्यतन किया जाएगा।
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