मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां कालरात्रि की पूजा कर अधर्म के अंत और न्याय की स्थापना पर जोर दिया। डिजिटल डेस्क, लखनऊ/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र की सप्तमी तिथि पर मां कालरात्रि के स्वरूप की आराधना की। इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर लिखा कि दुष्टों, असुरों और रक्तबीज जैसी तामसिक शक्तियों का संहार कर धर्म की स्थापना एवं भक्तों को अभय प्रदान करने वाली मां कालरात्रि का दिव्य स्वरूप हमें संदेश देता है कि अधर्म, अत्याचार व आतंक का अंत ही न्याय, शांति एवं निर्भय समाज की स्थापना का आधार है।

वारदात कैसे हुई और कैसे खुला राज

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां कालरात्रि की पूजा कर अधर्म के अंत और न्याय की स्थापना पर जोर दिया।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र की सप्तमी तिथि पर मां कालरात्रि के स्वरूप की आराधना की। इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर लिखा कि दुष्टों, असुरों और रक्तबीज जैसी तामसिक शक्तियों का संहार कर धर्म की स्थापना एवं भक्तों को अभय प्रदान करने वाली मां कालरात्रि का दिव्य स्वरूप हमें संदेश देता है कि अधर्म, अत्याचार व आतंक का अंत ही न्याय, शांति एवं निर्भय समाज की स्थापना का आधार है।

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मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार को आईना दिखाते हुए बताया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में रक्तबीज रूपी माफिया, दंगाइयों और अपराधियों के आतंक से उत्पन्न भय एवं अराजकता के अंधकार ने बहन-बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा व स्वावलंबन की राह में गंभीर बाधाएं खड़ी कर दी थीं। वहीं विगत 9.5 वर्षों में डबल इंजन सरकार की अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति ने इन आसुरी शक्तियों का दमन कर प्रदेश में कानून का राज एवं भयमुक्त वातावरण की स्थापना की है।

मुख्यमंत्री ने लिखा कि मिशन शक्ति, इंटीग्रेटेड 1090 हेल्पलाइन, महिला बीट पुलिसिंग और सेफ सिटी परियोजना जैसी पहलों ने बहन-बेटियों के लिए घर की चौखट से लेकर सड़क, शिक्षण संस्थानों व कार्यस्थलों तक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया है। पुलिस रिस्पॉन्स टाइम का वर्ष 2016 के 65 मिनट से घटकर मात्र 5 मिनट रह जाना, प्रदेश में कानून-व्यवस्था की तत्परता और महिला सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है।

पुलिस जांच व बरामदगी: क्या आया सामने

  • •मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां कालरात्रि की पूजा कर अधर्म के अंत और न्याय की स्थापना पर जोर दिया।
  • •डिजिटल डेस्क, लखनऊ/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र की सप्तमी तिथि पर मां कालरात्रि के स्वरूप की आराधना की। इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर लिखा कि दुष्टों, असुरों और रक्तबीज जैसी तामसिक शक्तियों का संहार कर धर्म की स्थापना एवं भक्तों को अभय प्रदान करने वाली मां कालरात्रि का दिव्य स्वरूप हमें संदेश देता है कि अधर्म, अत्याचार व आतंक का अंत ही न्याय, शांति एवं निर्भय समाज की स्थापना का आधार है।
  • •मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार को आईना दिखाते हुए बताया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में रक्तबीज रूपी माफिया, दंगाइयों और अपराधियों के आतंक से उत्पन्न भय एवं अराजकता के अंधकार ने बहन-बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा व स्वावलंबन की राह में गंभीर बाधाएं खड़ी कर दी थीं। वहीं विगत 9.5 वर्षों में डबल इंजन सरकार की अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति ने इन आसुरी शक्तियों का दमन कर प्रदेश में कानून का राज एवं भयमुक्त वातावरण की स्थापना की है।
  • •मुख्यमंत्री ने लिखा कि मिशन शक्ति, इंटीग्रेटेड 1090 हेल्पलाइन, महिला बीट पुलिसिंग और सेफ सिटी परियोजना जैसी पहलों ने बहन-बेटियों के लिए घर की चौखट से लेकर सड़क, शिक्षण संस्थानों व कार्यस्थलों तक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया है। पुलिस रिस्पॉन्स टाइम का वर्ष 2016 के 65 मिनट से घटकर मात्र 5 मिनट रह जाना, प्रदेश में कानून-व्यवस्था की तत्परता और महिला सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है।

ताजा स्थिति व आगे का अपडेट

संबंधित विभाग और जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं का अध्ययन कर रही हैं। किसी भी नए आधिकारिक अपडेट की पुष्टि होते ही जानकारी साझा की जाएगी।