बिहार के 80% हिस्सों से मानसून की विदाई हो गई है, जिससे मौसम में बदलाव और तापमान में गिरावट देखी जा रही है। बिहार के 80% हिस्सों से मानसून की विदाई हुई।

## घटनाक्रम का विस्तृत विवरण

बिहार के 80% हिस्सों से मानसून की विदाई हो गई है, जिससे मौसम में बदलाव और तापमान में गिरावट देखी जा रही है।

बिहार के 80% हिस्सों से मानसून की विदाई हुई।

अगले 24 घंटे में 18 जिलों में वज्रपात, मेघ गर्जन।

## मुख्य सत्यापित तथ्य व बिंदु

• 10 अक्टूबर के बाद मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा। • संवाददाता, पटना। बिहार के 80 प्रतिशत हिस्सों से मानसून की विदाई होने के साथ मौसम में बदलाव दिखने को मिल रहा है। मौसम शुष्क होने के साथ तापमान में भी गिरावट आरंभ हो गई है। • मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान ज्यादातर भागों में बादल छाए रहने के साथ 18 जिलों में मेघ गर्जन, वज्रपात के साथ कुछ स्थानों पर छिटपुट वर्षा के आसार हैं। • इन स्थानों पर 40-50 किमी/घंटा हवा की रफ्तार बने रहने की संभावना है। 10 अक्टूबर तक प्रदेश के अलग-अलग भागों में छिटपुट वर्षा के आसार हैं। • बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश के अलग-अलग भागों में वर्षा दर्ज की गई। मधुबनी के बेनीपट्टी में 65.4 मिमी सर्वाधिक वर्षा दर्ज की गई। मंगलवार को राजधानी सहित ज्यादातर जिलों में बादल छाए रहने के साथ 22 जिलों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। • पटना का अधिकतम तापमान 33.0 डिग्री सेल्सियस एवं 36.8 डिग्री सेल्सियस के साथ राजगीर का सर्वाधिक तापमान दर्ज किया गया। • मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर उप हिमालयी पश्चिम बंगाल से मध्य महाराष्ट्र तक जाने वाली ट्रफ लाइन बिहार, झारखंड, विदर्भ और मराठवाड़ा से होकर गुजर रही है।

## पृष्ठभूमि, असर व आधिकारिक विवरण

वहीं, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और उसके आसपास के इलाकों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण के कारण प्रदेश के मौसम में बदलाव के आसार है।

मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को दक्षिण पश्चिम मानसून प्रदेश के 80 प्रतिशत भागों से विदा हो गया है। अगले दो से तीन दिनों के कारण प्रदेश से पूर्ण रूप से विदा हो जाएगा। बीते 11 वर्षों के दौरान इस बार तीन अक्टूबर से ही मानसून की विदाई आरंभ हो गई है।

इस बार अलनीनो के प्रभाव से वर्षा में कमी आने के साथ मानसून की विदाई पहले और प्रसार में देरी का प्रभाव बना रहा।

मौसम विज्ञान केंद्र पटना के निदेशक आशीष कुमार के अनुसार इस दौरान भारी वर्षा की प्रवृत्ति कम रहेगी। कुछ हिस्सों में छिटपुट वर्षा की स्थिति बनी रहेगी।

10 अक्टूबर के बाद से प्रदेश का मौसम पूरी तरह से शुष्क और सामान्य बना रहेगा। तापमान में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी।

सुबह और देर रात्रि में गुलाबी ठंड का प्रभाव रहेगा। दिन में धूप के कारण लोग के पसीने छूटेंगे। इस दौरान विशेष ठंड का प्रभाव नहीं होगा।

## तथ्यात्मक संदर्भ व पुष्टि

यह विशेष रिपोर्ट आधिकारिक सार्वजनिक दस्तावेजों और पुष्ट सूचनाओं के आधार पर तैयार की गई है। संपादकीय सत्यापन मानकों के अनुसार राज्य समाचार द्वारा जारी सत्यापित तथ्यों को बिना किसी अनुमान या अप्रमाणित दावों के प्रस्तुत किया गया है।