## घटनाक्रम का विस्तृत विवरण
पुणे के लोनावला में एक 83 वर्षीय दादा ने संपत्ति विवाद को लेकर अपने 33 वर्षीय वकील पोते अभय मराठे की गोली मारकर हत्या कर दी।
लोनावला में प्रॉपर्टी को लेकर दादा ने वकील पोते को गोली मारी।
दादा ने संपत्ति विवाद में पोते को गोली मारी।
## मुख्य सत्यापित तथ्य व बिंदु
• परिवार ने हत्या को हादसा दिखाने की साजिश रची। • पुलिस ने दादा समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। • डिजिटल डेस्क, पुणे। पुणे के लोनावला से एक हैरान करने वाली वारदात सामने आई। शुरुआत में जिसे महज एक हादसा बताया जा रहा था, लेकिन पुलिस की एक छोटी सी शक की सुई ने इस पूरे मामले की खौफनाक साजिश का पर्दाफाश किया, जिससे हर कोई चौंक गया। • दरअसल ये घटना बीते सोमवार की है, जब एक 83 साल के बुजुर्ग ने अपने ही 33 साल के वकील पोते को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था और फिर गुनाह छिपाने के लिए पूरी फिल्मी कहानी रच दी। • बता दें कि सोमवार दोपहर लोनावला के एक अस्पताल से पुलिस को सूचना मिली कि 33 वर्षीय अभय मराठे नाम के वकील की सीने में गोली लगने से मौत हो गई है। अब इस पूरे मामले में चौंकाने वाली बात यह रही कि परिवार वालों ने पुलिस और डॉक्टरों को कहानी सुनाई कि अभय अपने दादा की 12-बोर की लाइसेंसी राइफल साफ कर रहे थे। • इसी दौरान अचानक गोली चल गई और सीने पर लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने भी पूरी कहानी सुनी और फिर शुरुआती दौर में इसे हादसा मानकर मामला दर्ज कर लिया था। • इसके बाद जब अभय का शव पोस्टमार्टम के लिए पुणे के ससून जनरल अस्पताल भेजा गया, तो ग्रामीण एसपी संदीप सिंह गिल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने शव के घाव का बारीकी से निरीक्षण किया।
## पृष्ठभूमि, असर व आधिकारिक विवरण
एसपी गिल ने बताया कि खुद को गोली लगने या एक्सीडेंटल फायरिंग के घाव अलग तरह के होते हैं। किसी दुर्घटना में राइफल की गोली सीधे सीने पर लगना असंभव सा होता है। इसके बाद शक गहराया और पुलिस की क्राइम ब्रांच सीधे उस होटल में जा पहुंची, जहां यह घटना हुई थी।
शक होने के बाद जब पुलिस होटल के अंदर गई, तो उन्हें काउंटर के पास दीवार पर खून का बड़ा धब्बा और छींटे मिले। जमीन पर भी खून फैला हुआ था। दीवार पर पांच फीट की ऊंचाई तक खून के छींटे देखकर पुलिस का शक यकीन में बदल गया।
फिर क्या? जांच में पता चला कि प्रॉपर्टी बेचने को लेकर दादा मोतीराम मराठे और पोते अभय के बीच पुराना विवाद था। सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे इसी बात पर दोनों के बीच तीखी बहस हुई। गुस्से में आकर अभय ने अपने दादा पर झपटने की कोशिश की, तभी 83 साल के बुजुर्ग दादा मोतीराम ने अपनी लाइसेंसी राइफल निकाली और पोते के सीने में गोली उतार दी।
अब इस पूरे वारदात में चौंकाने वाली बात यह भी रही कि हत्या के बाद परिवार ने जुर्म छिपाने के लिए सबूतों को मिटाने का पूरा खेल खेला। आरोपी दादा के अन्य रिश्तेदार तुरंत होटल पहुंचे। उन्होंने अभय के शव को एक कमरे में शिफ्ट किया और होटल के सीसीटीवी कैमरे व डीवीआर निकालकर छिपा दिए। इतना ही नहीं आरोपियों ने होटल के कर्मचारियों को मुंह बंद रखने की सख्त धमकी भी दी।
गौरतलब है कि हत्या मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 83 साल के मुख्य आरोपी दादा मोतीराम मराठे को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।
इसके अलावा, सबूत छिपाने के आरोप में उनके चार अन्य रिश्तेदारों राजश्री पवार, हिरामन मराठे, कविता मराठे और मनोज मराठे को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या, सबूत मिटाने और आर्म्स एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
## तथ्यात्मक संदर्भ व पुष्टि
यह विशेष रिपोर्ट आधिकारिक सार्वजनिक दस्तावेजों और पुष्ट सूचनाओं के आधार पर तैयार की गई है। संपादकीय सत्यापन मानकों के अनुसार राज्य समाचार द्वारा जारी सत्यापित तथ्यों को बिना किसी अनुमान या अप्रमाणित दावों के प्रस्तुत किया गया है।
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