Kisan Credit Card Scheme : मधुबनी में किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का लाभ दिलाने के लिए 2 नवंबर तक विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। मधुबनी में 2 नवंबर तक केसीसी के लिए विशेष शिविर।
घटना कैसे हुई और क्या है पूरा मामला
Kisan Credit Card Scheme : मधुबनी में किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का लाभ दिलाने के लिए 2 नवंबर तक विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं।
मधुबनी में 2 नवंबर तक केसीसी के लिए विशेष शिविर।
पीएम किसान और फार्मर आईडी धारकों को प्राथमिकता मिलेगी।
अधिकारी सभी पात्र किसानों को केसीसी से जोड़ेंगे।
संवाददाता, मधुबनी। किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जिले में अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि पाने वाले और फार्मर आइडी बनवा चुके पात्र किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से जोड़ने की पहल तेज की गई है।
मुख्य पुष्ट तथ्य और जांच के अहम बिंदु
- •Kisan Credit Card Scheme : मधुबनी में किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का लाभ दिलाने के लिए 2 नवंबर तक विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं।
- •मधुबनी में 2 नवंबर तक केसीसी के लिए विशेष शिविर।
- •पीएम किसान और फार्मर आईडी धारकों को प्राथमिकता मिलेगी।
- •अधिकारी सभी पात्र किसानों को केसीसी से जोड़ेंगे।
- •संवाददाता, मधुबनी। किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जिले में अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि पाने वाले और फार्मर आइडी बनवा चुके पात्र किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से जोड़ने की पहल तेज की गई है।
- •इसके लिए दो नवंबर तक प्रखंडवार विशेष शिविर लगाए जाएंगे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि कोई भी पात्र किसान केसीसी के लाभ से वंचित नहीं रहे। शिविरों में किसानों की फार्मर आइडी और अन्य जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी प्रक्रिया पूरी कराने पर भी जोर रहेगा।
- •केसीसी योजना की समीक्षा में वित्तीय वर्ष 2025-26 की तुलना में 2026-27 की पहली तिमाही के बाद केसीसी खातों की संख्या में 23.2 प्रतिशत और बकाया ऋण राशि में 25.9 प्रतिशत की गिरावट सामने आई।
- •इस पर उप विकास आयुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक और नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक को बैंकों के साथ नियमित समीक्षा कर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने की कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया।
- •विशेष शिविरों में प्रत्येक कर्मी को कम से कम 15 केसीसी आवेदन तैयार कराने का लक्ष्य दिया गया है। प्रखंड कृषि पदाधिकारी नोडल पदाधिकारी होंगे। कृषि, सहकारिता, जीविका, पशुपालन और मत्स्य विभाग के कर्मी बैंक प्रतिनिधियों के साथ समन्वय कर किसानों के आवेदन तैयार कराएंगे। पीएम-किसान के लाभार्थियों और फार्मर आइडी से निबंधित पात्र किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी।
- •किसानों को शिविर में आधार कार्ड, पैन कार्ड, पीएम-किसान लाभार्थी पहचान से संबंधित विवरण और अद्यतन एलपीसी या लगान रसीद लेकर पहुंचना होगा। शिविर प्रखंड कृषि कार्यालय के सभागार में निर्धारित तिथि को सुबह 11 बजे से आयोजित किए जाएंगे।
आधिकारिक कार्रवाई और आगे की स्थिति
इसके लिए दो नवंबर तक प्रखंडवार विशेष शिविर लगाए जाएंगे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि कोई भी पात्र किसान केसीसी के लाभ से वंचित नहीं रहे। शिविरों में किसानों की फार्मर आइडी और अन्य जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी प्रक्रिया पूरी कराने पर भी जोर रहेगा।
केसीसी योजना की समीक्षा में वित्तीय वर्ष 2025-26 की तुलना में 2026-27 की पहली तिमाही के बाद केसीसी खातों की संख्या में 23.2 प्रतिशत और बकाया ऋण राशि में 25.9 प्रतिशत की गिरावट सामने आई।
इस पर उप विकास आयुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक और नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक को बैंकों के साथ नियमित समीक्षा कर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने की कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया।
विशेष शिविरों में प्रत्येक कर्मी को कम से कम 15 केसीसी आवेदन तैयार कराने का लक्ष्य दिया गया है। प्रखंड कृषि पदाधिकारी नोडल पदाधिकारी होंगे। कृषि, सहकारिता, जीविका, पशुपालन और मत्स्य विभाग के कर्मी बैंक प्रतिनिधियों के साथ समन्वय कर किसानों के आवेदन तैयार कराएंगे। पीएम-किसान के लाभार्थियों और फार्मर आइडी से निबंधित पात्र किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी।
किसानों को शिविर में आधार कार्ड, पैन कार्ड, पीएम-किसान लाभार्थी पहचान से संबंधित विवरण और अद्यतन एलपीसी या लगान रसीद लेकर पहुंचना होगा। शिविर प्रखंड कृषि कार्यालय के सभागार में निर्धारित तिथि को सुबह 11 बजे से आयोजित किए जाएंगे।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में केसीसी ऋण वितरण के आधार पर बैंकों की रैंकिंग की जाएगी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बैंकों को सम्मानित करने के साथ विभागीय योजनाओं के आवंटन में प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं, असंतोषजनक प्रदर्शन करने वाले बैंकों की रिपोर्ट जिला पदाधिकारी के माध्यम से वित्त विभाग को भेजी जाएगी।
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ताजा स्थिति व आगे का अपडेट
संबंधित विभाग और जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं का अध्ययन कर रही हैं। किसी भी नए आधिकारिक अपडेट की पुष्टि होते ही जानकारी साझा की जाएगी।
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