भारत को सीमित ओवर की सीरीज में दी टक्कर वेस्टइंडीज ने भारत दौरे पर सीमित ओवरों की सीरीज में भारतीय टीम को कड़ी टक्कर दी। टीम वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद 1-2 से पिछड़ गई, जबकि पांच मैचों की टी20 सीरीज 2-2 से बराबर रही। सैमी इस प्रदर्शन को अपने देश के क्रिकेट की आर्थिक स्थिति सुधारने के अवसर के रूप में देख रहे हैं। वेस्टइंडीज क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के 1997 में अपनाए गए मौजूदा राजस्व बंटवारा मॉडल के तहत आर्थिक रूप से टिके रहने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सैमी ने कहा, मेरी मां हमेशा कहती थीं कि आपके भीतर दूसरों की परवाह करने का भाव होना चाहिए। जिंदगी में आप कुछ भी करें, इस भावना को कभी नहीं खोना चाहिए। मुझे लगता है कि अब वेस्टइंडीज क्रिकेट को किसी ऐसे व्यक्ति की जरूरत है, जो आर्थिक रूप से उसका सहारा बने। भारत में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम के खिलाफ इस तरह की सीरीज खेलने से हमें उन लोगों के साथ बेहतर स्तर पर बातचीत करने का अवसर मिलता है, जो हमारी मदद कर सकते हैं। भारत-वेस्टइंडीज की तुलना करते हुए क्या बोले सैमी? सैमी ने भारतीय और वेस्टइंडीज क्रिकेट की स्थिति की तुलना करते हुए कहा कि मजबूत आर्थिक व्यवस्था और योजनाबद्ध विकास से टीम के प्रदर्शन पर बड़ा असर पड़ता है। उन्होंने कहा, भारत जब भी आईसीसी टूर्नामेंट में खेलने जाता है, तो उससे विश्व कप जीतने की उम्मीद की जाती है। भारतीय टीम भी जीतने की अपेक्षा के साथ उतरती है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि उन्होंने इसके लिए जरूरी व्यवस्थाएं तैयार की हैं। वेस्टइंडीज जब किसी टूर्नामेंट में खेलने जाता है, तो उसे तमाम चुनौतियों के बावजूद अच्छा प्रदर्शन करना पड़ता है। इन दोनों स्थितियों में बड़ा अंतर है। एक तरफ जरूरी व्यवस्थाएं मौजूद हैं जबकि दूसरी तरफ चुनौतियों से जूझते हुए प्रदर्शन करना पड़ता है। इसके बावजूद हम आगे बढ़ रहे हैं और मुझे लगता है कि हमने बड़ा कदम उठाया है। सैमी को उम्मीद है कि भारत के खिलाफ इस प्रदर्शन के बाद क्रिकेट वेस्टइंडीज प्रायोजकों और अन्य हितधारकों के साथ अधिक भरोसे के साथ बातचीत कर सकेगा। उन्होंने कहा, उम्मीद है कि इस सीरीज के बाद हितधारकों और प्रायोजकों के साथ हमारी बातचीत पहले से बेहतर होगी। हमें अगर निवेश मिलता है तो हम ऐसी स्थिति में पहुंच सकते हैं जहां पूरी व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके। सैमी ने आर्थिक चुनौतियों से इतर टीम के प्रदर्शन और खिलाड़ियों के आत्मविश्वास में आए बदलाव पर भी खुशी जताई। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम जैसी मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ खेलने से खिलाड़ियों को अपनी क्षमता पर भरोसा बढ़ाने में मदद मिली है। उन्होंने कहा, हम सभी जानते हैं कि वेस्टइंडीज के लिए खेलना क्या मायने रखता है और इस दौरान किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इतने लंबे समय से शानदार प्रदर्शन कर रही टीम के खिलाफ छोटे प्रारूप में अच्छा खेलना बड़ी बात है। ड्रेसिंग रूम के सभी खिलाड़ियों ने सकारात्मक सोच के साथ मैदान पर प्रदर्शन किया।
खिलाड़ियों का प्रदर्शन और मैच के अहम आंकड़े
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इस विकास का सीधा प्रभाव संबंधित क्षेत्र और हितधारकों पर देखा जा रहा है। घटनाक्रम पर पैनी नजर बनी हुई है।







