उपनिरीक्षक असकर खान, हेड कांस्टेबल सुंदरपाल और कांस्टेबल चैतन्य प्रकाश भमौरा-आंवला रोड पर जांच कर रहे थे। रेलवे फाटक से करीब 50 कदम दूर उन्होंने रितिक को पकड़ा। तलाशी में उसके पास से एक .315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस मिला। पूछताछ में रितिक ने बताया कि उसने अपनी सुरक्षा के लिए बरेली में एक अनजान व्यक्ति से तमंचा और कारतूस खरीदे थे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

वारदात कैसे हुई और कैसे खुला राज

उपनिरीक्षक असकर खान, हेड कांस्टेबल सुंदरपाल और कांस्टेबल चैतन्य प्रकाश भमौरा-आंवला रोड पर जांच कर रहे थे। रेलवे फाटक से करीब 50 कदम दूर उन्होंने रितिक को पकड़ा। तलाशी में उसके पास से एक .315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस मिला।

पूछताछ में रितिक ने बताया कि उसने अपनी सुरक्षा के लिए बरेली में एक अनजान व्यक्ति से तमंचा और कारतूस खरीदे थे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

पुलिस जांच व बरामदगी: क्या आया सामने

  • •उपनिरीक्षक असकर खान, हेड कांस्टेबल सुंदरपाल और कांस्टेबल चैतन्य प्रकाश भमौरा-आंवला रोड पर जांच कर रहे थे। रेलवे फाटक से करीब 50 कदम दूर उन्होंने रितिक को पकड़ा। तलाशी में उसके पास से एक .315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस मिला।
  • •पूछताछ में रितिक ने बताया कि उसने अपनी सुरक्षा के लिए बरेली में एक अनजान व्यक्ति से तमंचा और कारतूस खरीदे थे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

ताजा स्थिति व आगे का अपडेट

इस विकास का सीधा प्रभाव संबंधित क्षेत्र और हितधारकों पर देखा जा रहा है। घटनाक्रम पर पैनी नजर बनी हुई है।