भागलपुर के खरीक प्रखंड स्थित राघोपुर रेलवे तटबंध पर गंगा नदी का भीषण कटाव शुरू हो गया है, जिससे ब्रह्म बाबा स्थान के पास मिट्टी तेजी से कट रही है। ग्रामीणों में दहशत है और वे जल संसाधन विभाग से तुरंत फ्लड फाइटिंग कार्य शुरू करने की मांग कर रहे हैं ताकि तटबंध और हजारों लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। भागलपुर. बिहार के भागलपुर में शिक्षा विभाग से सरकारी राशि के कथित गबन का मामला सामने आया है. फर्जी शिक्षिका के नाम पर आईडी बनाकर सरकारी पैसे ट्रांसफर किए जाने का आरोप है. मामले में अब तक करीब 98 लाख रुपये की गड़बड़ी सामने आने की बात कही जा रही है. शिक्षा विभाग के कंप्यूटर ऑपरेटर अविनाश राज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, मामले की जांच जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से भी की जा रही है. इस मामले के सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित गड़बड़ी कैसे हुई और इसमें किन लोगों की भूमिका रही.

वारदात कैसे हुई और कैसे खुला राज

भागलपुर के खरीक प्रखंड स्थित राघोपुर रेलवे तटबंध पर गंगा नदी का भीषण कटाव शुरू हो गया है, जिससे ब्रह्म बाबा स्थान के पास मिट्टी तेजी से कट रही है। ग्रामीणों में दहशत है और वे जल संसाधन विभाग से तुरंत फ्लड फाइटिंग कार्य शुरू करने की मांग कर रहे हैं ताकि तटबंध और हजारों लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

भागलपुर. बिहार के भागलपुर में शिक्षा विभाग से सरकारी राशि के कथित गबन का मामला सामने आया है. फर्जी शिक्षिका के नाम पर आईडी बनाकर सरकारी पैसे ट्रांसफर किए जाने का आरोप है. मामले में अब तक करीब 98 लाख रुपये की गड़बड़ी सामने आने की बात कही जा रही है. शिक्षा विभाग के कंप्यूटर ऑपरेटर अविनाश राज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, मामले की जांच जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से भी की जा रही है. इस मामले के सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित गड़बड़ी कैसे हुई और इसमें किन लोगों की भूमिका रही.

मिली जानकारी के मुताबिक, कंप्यूटर ऑपरेटर अविनाश राज पर फर्जी शिक्षिका तन्नू श्री के नाम से आईडी बनाने और उसके जरिए सरकारी राशि ट्रांसफर कराने का आरोप है. बताया जा रहा है कि इस खाते में पहली बार करीब 52 लाख रुपये भेजे गए, जिनकी निकासी भी कर ली गई. इसके बाद दूसरी बार करीब 46 लाख रुपये खाते में भेजने की कोशिश की गई, लेकिन बैंक ने राशि को होल्ड कर दिया. तीसरी बार करीब 73 लाख रुपये ट्रांसफर किए जाने की प्रक्रिया भी हुई, जिसे बैंक ने रिजेक्ट कर दिया. इस तरह लगातार सरकारी राशि भेजने की कोशिशों से मामला सामने आया.

52 लाख की निकासी, बाकी ट्रांजैक्शन पर बैंक ने लगाई रोक

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पहली बार भेजी गई राशि में से करीब 52 लाख रुपये की निकासी हो चुकी थी. इसके बाद किए गए ट्रांजैक्शन को बैंक ने रोक दिया या अस्वीकार कर दिया. अधिकारियों के मुताबिक, पूरे मामले की जांच की जा रही है और वास्तविक वित्तीय नुकसान का आकलन किया जा रहा है. भागलपुर के डीडीसी रवि प्रकाश ने बताया कि करीब 98 लाख रुपये की गड़बड़ी का मामला सामने आया है. इसकी जांच जारी है. अलग-अलग ट्रांजैक्शन और खाते से जुड़ी जानकारी की पड़ताल की जा रही है.

पुलिस जांच व बरामदगी: क्या आया सामने

  • •भागलपुर के खरीक प्रखंड स्थित राघोपुर रेलवे तटबंध पर गंगा नदी का भीषण कटाव शुरू हो गया है, जिससे ब्रह्म बाबा स्थान के पास मिट्टी तेजी से कट रही है। ग्रामीणों में दहशत है और वे जल संसाधन विभाग से तुरंत फ्लड फाइटिंग कार्य शुरू करने की मांग कर रहे हैं ताकि तटबंध और हजारों लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
  • •भागलपुर. बिहार के भागलपुर में शिक्षा विभाग से सरकारी राशि के कथित गबन का मामला सामने आया है. फर्जी शिक्षिका के नाम पर आईडी बनाकर सरकारी पैसे ट्रांसफर किए जाने का आरोप है. मामले में अब तक करीब 98 लाख रुपये की गड़बड़ी सामने आने की बात कही जा रही है. शिक्षा विभाग के कंप्यूटर ऑपरेटर अविनाश राज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, मामले की जांच जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से भी की जा रही है. इस मामले के सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित गड़बड़ी कैसे हुई और इसमें किन लोगों की भूमिका रही.
  • •मिली जानकारी के मुताबिक, कंप्यूटर ऑपरेटर अविनाश राज पर फर्जी शिक्षिका तन्नू श्री के नाम से आईडी बनाने और उसके जरिए सरकारी राशि ट्रांसफर कराने का आरोप है. बताया जा रहा है कि इस खाते में पहली बार करीब 52 लाख रुपये भेजे गए, जिनकी निकासी भी कर ली गई. इसके बाद दूसरी बार करीब 46 लाख रुपये खाते में भेजने की कोशिश की गई, लेकिन बैंक ने राशि को होल्ड कर दिया. तीसरी बार करीब 73 लाख रुपये ट्रांसफर किए जाने की प्रक्रिया भी हुई, जिसे बैंक ने रिजेक्ट कर दिया. इस तरह लगातार सरकारी राशि भेजने की कोशिशों से मामला सामने आया.
  • •52 लाख की निकासी, बाकी ट्रांजैक्शन पर बैंक ने लगाई रोक
  • •प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पहली बार भेजी गई राशि में से करीब 52 लाख रुपये की निकासी हो चुकी थी. इसके बाद किए गए ट्रांजैक्शन को बैंक ने रोक दिया या अस्वीकार कर दिया. अधिकारियों के मुताबिक, पूरे मामले की जांच की जा रही है और वास्तविक वित्तीय नुकसान का आकलन किया जा रहा है. भागलपुर के डीडीसी रवि प्रकाश ने बताया कि करीब 98 लाख रुपये की गड़बड़ी का मामला सामने आया है. इसकी जांच जारी है. अलग-अलग ट्रांजैक्शन और खाते से जुड़ी जानकारी की पड़ताल की जा रही है.
  • •जिला शिक्षा उपनिदेशक ने दर्ज कराई FIR
  • •मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला शिक्षा उपनिदेशक की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी बताए जा रहे कंप्यूटर ऑपरेटर अविनाश राज को गिरफ्तार कर लिया है. अब उससे पूछताछ के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि फर्जी आईडी किस तरह बनाई गई, राशि ट्रांसफर करने की प्रक्रिया में कौन-कौन शामिल था और बैंक खाते से जुड़े लेन-देन कैसे किए गए.
  • •ये भी पढ़ें: Bhagalpur News: विक्रमशिला सेतु बंद होने पर गंगा नदी में बवाल, जहाज छूटने पर यात्रियों ने जमकर मचाया हंगामा
  • •डीडीसी के नेतृत्व में विभागीय जांच शुरू
  • •मामले की गंभीरता को देखते हुए डीडीसी के स्तर से भी शिक्षा विभाग में जांच शुरू की गई है. कर्मचारियों से पूछताछ कर जानकारी जुटाई जा रही है. अधिकारियों ने कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि जांच के दौरान तथ्यों को न छिपाएं और जो जानकारी है, उसे स्पष्ट रूप से सामने रखें. फिलहाल मामले में पुलिस और विभागीय स्तर पर जांच जारी है. जांच पूरी होने के बाद ही सरकारी राशि की गड़बड़ी की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी और यह पता चलेगा कि इस मामले में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे.

कानूनी कार्रवाई और आरोपियों की वर्तमान स्थिति

जिला शिक्षा उपनिदेशक ने दर्ज कराई FIR

मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला शिक्षा उपनिदेशक की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी बताए जा रहे कंप्यूटर ऑपरेटर अविनाश राज को गिरफ्तार कर लिया है. अब उससे पूछताछ के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि फर्जी आईडी किस तरह बनाई गई, राशि ट्रांसफर करने की प्रक्रिया में कौन-कौन शामिल था और बैंक खाते से जुड़े लेन-देन कैसे किए गए.

ये भी पढ़ें: Bhagalpur News: विक्रमशिला सेतु बंद होने पर गंगा नदी में बवाल, जहाज छूटने पर यात्रियों ने जमकर मचाया हंगामा

डीडीसी के नेतृत्व में विभागीय जांच शुरू

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीडीसी के स्तर से भी शिक्षा विभाग में जांच शुरू की गई है. कर्मचारियों से पूछताछ कर जानकारी जुटाई जा रही है. अधिकारियों ने कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि जांच के दौरान तथ्यों को न छिपाएं और जो जानकारी है, उसे स्पष्ट रूप से सामने रखें. फिलहाल मामले में पुलिस और विभागीय स्तर पर जांच जारी है. जांच पूरी होने के बाद ही सरकारी राशि की गड़बड़ी की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी और यह पता चलेगा कि इस मामले में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे.

बिहार के भागलपुर में शिक्षा विभाग के एक मामले में फर्जी शिक्षिका तन्नू श्री की आईडी के जरिए करीब 98 लाख रुपये की गड़बड़ी का मामला सामने आया है।

इस मामले में पुलिस ने शिक्षा विभाग के कंप्यूटर ऑपरेटर अविनाश राज को मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया है।

ताजा स्थिति व आगे का अपडेट

संबंधित विभाग और जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं का अध्ययन कर रही हैं। किसी भी नए आधिकारिक अपडेट की पुष्टि होते ही जानकारी साझा की जाएगी।