बागपत में एक मकान में आग लगने से मां-बेटी की दर्दनाक मौत हो गई, जहां पुलिस पर तमाशबीन बने रहने का आरोप लगा है। बिजली की चिंगारी से लगी इस आग ने 30 मिनट में दो जिंदगियां लील लीं। बागपत में एक मकान में आग लगने से मां-बेटी की दर्दनाक मौत हो गई, जहां पुलिस पर तमाशबीन बने रहने ...और पढ़ें

## वारदात कैसे हुई और कैसे खुला राज

बागपत में एक मकान में आग लगने से मां-बेटी की दर्दनाक मौत हो गई, जहां पुलिस पर तमाशबीन बने रहने का आरोप लगा है। बिजली की चिंगारी से लगी इस आग ने 30 मिनट में दो जिंदगियां लील लीं।

बागपत में एक मकान में आग लगने से मां-बेटी की दर्दनाक मौत हो गई, जहां पुलिस पर तमाशबीन बने रहने ...और पढ़ें

बागपत में घर में आग से मां-बेटी की दर्दनाक मौत।

## पुलिस जांच व बरामदगी: क्या आया सामने

• बागपत में एक मकान में आग लगने से मां-बेटी की दर्दनाक मौत हो गई, जहां पुलिस पर तमाशबीन बने रहने का आरोप लगा है। बिजली की चिंगारी से लगी इस आग ने 30 मिनट में दो जिंदगियां लील लीं। • बागपत में एक मकान में आग लगने से मां-बेटी की दर्दनाक मौत हो गई, जहां पुलिस पर तमाशबीन बने रहने ...और पढ़ें • बागपत में घर में आग से मां-बेटी की दर्दनाक मौत। • पुलिस और भीड़ पर तमाशबीन बने रहने का गंभीर आरोप। • पूर्व फौजी ने जान बचाने का अथक प्रयास किया, पर असफल। • संवाददाता, बागपत। मकान में आग की लपटें उठ रही थीं। मां-बेटी अंदर तड़प रही थीं। लेकिन राहत-बचाव के प्रशिक्षण का दम भरने वाली खाकी भी तमाशबीन बनी रही। पूर्व फौजी सुभाष कश्यप सामने आए, लेकिन उनके अथक प्रयास से भी मां-बेटी की जान नहीं बच सकी। इस दर्दनाक घटना ने हर किसी को झकझोर दिया। • बाजार चौकी से 100 कदम पहले पाठशाला रोड पर व्यापारी विनय जैन का मकान है। करीब दो किमी की दूरी पर फायर स्टेशन है। आग लगने पर मकान के बाहर भीड़ एकत्र हुई तो पुलिसकर्मी भी वहां पर पहुंच गए थे। कोई भी मकान के अंदर से मां-बेटी को बाहर निकालने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। अचानक बाजार में आटा खरीदने पहुंचे कस्बा निवासी सुभाष कश्यप को जैसे ही जानकारी मिली, वह बाइक लेकर उस मकान की ओर दौड़ पड़े। • वह बताते हैं कि जब वहां पहुंचे तो मकान के बाहर पुलिस और सैकड़ों लोगों की भीड़ थी, जो आग की घटना को देख रहे थे। कई लोग मोबाइल से वीडियो बनाने के साथ फोटो भी खींच रहे थे। जब उन्हें पता चला कि मकान में मां-बेटी मौजूद हैं तो मकान के अंदर प्रवेश करने का रास्ता तलाशा। करीब 50 मीटर की दूरी पर एक मकान के बराबर में सीढ़ियां दिखाई दीं, जिसके माध्यम से कई मकानों की छत से होते हुए व्यापारी विनय जैन के मकान की छत पर पहुंचे। • वहां पर पहुंचने के लिए दो मंजिला भवन से छत पर छलांग भी लगाई। उन्होंने लोगों से कहा कि हथौड़ा आदि लेकर आ जाओ। इसके बाद पुलिस और अन्य लोग मकान की छत पर पहुंचे, जिन्होंने सीढ़ियों का दरवाजा, पड़ोसी के मकान की दीवार और लोहे का जाल तोड़कर मकान की पहली मंजिल पर प्रवेश किया, लेकिन मां-बेटी की जान नहीं बच सकी। • उधर, एएसपी प्रवीण सिंह चौहान का कहना है कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। रेस्क्यू कर मकान से मृत मां-बेटी को बाहर निकाला गया। वहीं, मुख्य अग्निशमन अधिकारी अमरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि हादसे की सुबह 8.11 बजे सूचना मिली थी। छह मिनट बाद टीम मौके पर पहुंच गई थी। करीब पांच मिनट में ही आग बुझाई गई।

## ताजा स्थिति व आगे का अपडेट

विशेषज्ञों और पर्यवेक्षकों के अनुसार इस कदम के महत्वपूर्ण परिणाम सामने आ सकते हैं। आगे की आधिकारिक घोषणाओं की प्रतीक्षा है।