Bagpat News: बागपत। मौसम में बदलाव आते ही लोगों की सेहत बिगड़ने लगी है। वर्तमान में लोग बुखार की चपेट में आ रहे हैं। बुखार के उपचार के लिए सरकारी अस्पतालों की इमरजेंसी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में करीब 1500 मरीज पहुंचे। डॉक्टरों के कक्षों के बाहर मरीजों की लाइन लगी रहीं। चिकित्सक ने इन मरीजों को दवा के साथ बचाव की सलाह दी। बदलता मौसम अपने साथ कई प्रकार की समस्याएं साथ लेकर आता है। इस मौसम में लोगों की प्रतिरोधकता कमजोर पड़ जाती है। इससे वह बीमारियों का शिकार जल्दी हो जाते हैं। यही कारण है कि वर्तमान में लोग बुखार का शिकार हो रहे हैं। निजी अस्पतालों से लेकर सरकारी अस्पतालों तक बुखार के मरीजों की भरमार है। जिला अस्पताल में रोजाना करीब 500 मरीज बुखार के उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। बुखार जाने में एक सप्ताह तक का समय लग रहा है। जिला अस्पताल में चिकित्सक बुखार के मरीजों की डेंगू-मलेरिया की जांच करा रहे हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अभी डेंगू-मलेरिया के मरीज सामने नहीं आ रहे हैं। चिकित्सक मरीजों को दवा के साथ बचाव की सलाह दे रहे हैं। इस संबंध में सीएमएस डा. अनुराग वाष्र्णेय का कहना है कि जिला अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को बेहतर उपचार देने का प्रयास किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि मरीजों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
मौसम का ताजा हाल: किन इलाकों में दिखा बड़ा असर?
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Bagpat News: बागपत। मौसम में बदलाव आते ही लोगों की सेहत बिगड़ने लगी है। वर्तमान में लोग बुखार की चपेट में आ रहे हैं। बुखार के उपचार के लिए सरकारी अस्पतालों की इमरजेंसी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में करीब 1500 मरीज पहुंचे। डॉक्टरों के कक्षों के बाहर मरीजों की लाइन लगी रहीं। चिकित्सक ने इन मरीजों को दवा के साथ बचाव की सलाह दी। बदलता मौसम अपने साथ कई प्रकार की समस्याएं साथ लेकर आता है। इस मौसम में लोगों की प्रतिरोधकता कमजोर पड़ जाती है। इससे वह बीमारियों का शिकार जल्दी हो जाते हैं। यही कारण है कि वर्तमान में लोग बुखार का शिकार हो रहे हैं।
निजी अस्पतालों से लेकर सरकारी अस्पतालों तक बुखार के मरीजों की भरमार है। जिला अस्पताल में रोजाना करीब 500 मरीज बुखार के उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। बुखार जाने में एक सप्ताह तक का समय लग रहा है। जिला अस्पताल में चिकित्सक बुखार के मरीजों की डेंगू-मलेरिया की जांच करा रहे हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अभी डेंगू-मलेरिया के मरीज सामने नहीं आ रहे हैं। चिकित्सक मरीजों को दवा के साथ बचाव की सलाह दे रहे हैं। इस संबंध में सीएमएस डा. अनुराग वाष्र्णेय का कहना है कि जिला अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को बेहतर उपचार देने का प्रयास किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि मरीजों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
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