तिलोई। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सोमवार को मरीजों की भीड़ के बीच अव्यवस्थाएं भी सामने आईं। पंजीकरण काउंटर से चिकित्सकों के कक्ष और दवा वितरण केंद्र तक लंबी कतारें लगी थीं। प्रतीक्षालय में कुर्सियां भर जाने के बाद मरीज और तीमारदार जमीन पर बैठकर बारी का इंतजार कर रहे थे। सुबह 11:20 बजे मेडिसिन और चेस्ट विभाग के बाहर सबसे अधिक भीड़ नजर आई। मौसम में बदलाव से लोगों की सेहत बिगड़ रही है। मेडिकल कॉलेज में सोमवार को 684 मरीजों ने पंजीकरण कराया। इनमें मेडिसिन विभाग में 290, चेस्ट विभाग में 156, हड्डी रोग विभाग में 89 और सर्जरी विभाग में 64 मरीज पहुंचे। अन्य मरीज आंख, कान समेत दूसरे विभागों में उपचार कराने आए। सीएमएस और फिजिशियन डॉ. आजम खान ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन औसतन करीब 100 मरीज भर्ती होते हैं। इनमें आधे से अधिक मरीज वायरल फीवर और छाती संबंधी समस्याओं से पीड़ित रहते हैं।जामों निवासी गुरसेवक ने बताया कि वह सुबह से कमरा नंबर पांच के बाहर कतार में लगे थे। काफी देर इंतजार के बाद भी उनका नंबर नहीं आया। वनभरिया गांव के रहमत अली ने बताया कि मरीजों की अधिक संख्या के कारण चिकित्सक को दिखाने में समय लग रहा है। बरकत और राम सहाय ने भी व्यवस्था पर सवाल उठाए।डॉ. आजम खान ने बताया कि मौसम में बदलाव के दौरान साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी है। मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रीना शर्मा ने बताया कि मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए जल्द ही आधुनिक व्यवस्थाएं बढ़ाई जाएंगी।लिफ्ट खराब होने से मरीज परेशानमेडिकल कॉलेज की बहुमंजिला इमारत में लिफ्ट की खराबी से भी मरीजों और तीमारदारों को परेशानी हो रही है। तीमारदार देवनाथ ने बताया कि आम लोगों के लिए बनी दो लिफ्ट में से एक कई दिनों से खराब है। श्याममूर्ति के मुताबिक मरीजों को वार्ड तक पहुंचाने और वापस लाने में सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे बुजुर्गों और चलने-फिरने में असमर्थ मरीजों की मुश्किल बढ़ गई है।
तापमान, बारिश और मौसम विभाग के आंकड़े
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- •तिलोई। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सोमवार को मरीजों की भीड़ के बीच अव्यवस्थाएं भी सामने आईं। पंजीकरण काउंटर से चिकित्सकों के कक्ष और दवा वितरण केंद्र तक लंबी कतारें लगी थीं। प्रतीक्षालय में कुर्सियां भर जाने के बाद मरीज और तीमारदार जमीन पर बैठकर बारी का इंतजार कर रहे थे। सुबह 11:20 बजे मेडिसिन और चेस्ट विभाग के बाहर सबसे अधिक भीड़ नजर आई। मौसम में बदलाव से लोगों की सेहत बिगड़ रही है। मेडिकल कॉलेज में सोमवार को 684 मरीजों ने पंजीकरण कराया। इनमें मेडिसिन विभाग में 290, चेस्ट विभाग में 156, हड्डी रोग विभाग में 89 और सर्जरी विभाग में 64 मरीज पहुंचे। अन्य मरीज आंख, कान समेत दूसरे विभागों में उपचार कराने आए। सीएमएस और फिजिशियन डॉ. आजम खान ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन औसतन करीब 100 मरीज भर्ती होते हैं। इनमें आधे से अधिक मरीज वायरल फीवर और छाती संबंधी समस्याओं से पीड़ित रहते हैं।जामों निवासी गुरसेवक ने बताया कि वह सुबह से कमरा नंबर पांच के बाहर कतार में लगे थे। काफी देर इंतजार के बाद भी उनका नंबर नहीं आया। वनभरिया गांव के रहमत अली ने बताया कि मरीजों की अधिक संख्या के कारण चिकित्सक को दिखाने में समय लग रहा है। बरकत और राम सहाय ने भी व्यवस्था पर सवाल उठाए।डॉ. आजम खान ने बताया कि मौसम में बदलाव के दौरान साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी है। मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रीना शर्मा ने बताया कि मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए जल्द ही आधुनिक व्यवस्थाएं बढ़ाई जाएंगी।लिफ्ट खराब होने से मरीज परेशानमेडिकल कॉलेज की बहुमंजिला इमारत में लिफ्ट की खराबी से भी मरीजों और तीमारदारों को परेशानी हो रही है। तीमारदार देवनाथ ने बताया कि आम लोगों के लिए बनी दो लिफ्ट में से एक कई दिनों से खराब है। श्याममूर्ति के मुताबिक मरीजों को वार्ड तक पहुंचाने और वापस लाने में सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे बुजुर्गों और चलने-फिरने में असमर्थ मरीजों की मुश्किल बढ़ गई है।
ताजा स्थिति व आगे का अपडेट
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इस घटनाक्रम पर संबंधित अधिकारियों और प्रशासनिक स्तर पर निरंतर समीक्षा जारी है। ताजा आधिकारिक सूचना के आधार पर विवरण को अद्यतन किया जाएगा।








