कर्नाटक सरकार ने 'कर्तव्य' मोबाइल एप के माध्यम से जियोफेंसिंग आधारित रात्रि उपस्थिति प्रणाली शुरू की है। आधुनिक युद्ध जीपीएस पर बहुत निर्भर है. गाइडेड मिसाइलें, आर्टिलरी और ड्रोन सटीक लक्ष्य के लिए सैटेलाइट सिग्नल पर चलते हैं. लेकिन अमेरिका अब खुद ही इस निर्भरता को तोड़ने की तैयारी कर रहा है. जुलाई 2026 में अमेरिकी आर्मी, नेवी और स्पेस फोर्स ने दक्षिणी कैलिफोर्निया के समुद्र में पहली बार ‘हैमर ऑफ द गॉड्स’ नामक सिस्टम का परीक्षण किया. यह लो-सिग्नेचर एमिटर जीपीएस और अन्य पोजिशनिंग सिग्नल को एक क्षेत्र में जाम कर देता है.

Detailed Chronological Breakdown

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कर्नाटक सरकार ने 'कर्तव्य' मोबाइल एप के माध्यम से जियोफेंसिंग आधारित रात्रि उपस्थिति प्रणाली शुरू की है।

आधुनिक युद्ध जीपीएस पर बहुत निर्भर है. गाइडेड मिसाइलें, आर्टिलरी और ड्रोन सटीक लक्ष्य के लिए सैटेलाइट सिग्नल पर चलते हैं. लेकिन अमेरिका अब खुद ही इस निर्भरता को तोड़ने की तैयारी कर रहा है. जुलाई 2026 में अमेरिकी आर्मी, नेवी और स्पेस फोर्स ने दक्षिणी कैलिफोर्निया के समुद्र में पहली बार ‘हैमर ऑफ द गॉड्स’ नामक सिस्टम का परीक्षण किया. यह लो-सिग्नेचर एमिटर जीपीएस और अन्य पोजिशनिंग सिग्नल को एक क्षेत्र में जाम कर देता है.

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यह सिस्टम पारंपरिक हथियार नहीं है. यह कोई मिसाइल या बम नहीं छोड़ता. बल्कि इलेक्ट्रॉनिक वेव्स छोड़कर पोजीशनिंग, नेविगेशन और टाइमिंग (पीएनटी) सिग्नल को बाधित करता है. जमीनी संस्करण पिछले दो साल से अभ्यासों में चल रहे थे. समुद्री परीक्षण पहली बार हुआ, जिसमें सिस्टम को जहाज से लॉन्च किया, चलाया और वापस लाया गया.

Key Verified Facts

  • •कर्नाटक सरकार ने 'कर्तव्य' मोबाइल एप के माध्यम से जियोफेंसिंग आधारित रात्रि उपस्थिति प्रणाली शुरू की है।
  • •आधुनिक युद्ध जीपीएस पर बहुत निर्भर है. गाइडेड मिसाइलें, आर्टिलरी और ड्रोन सटीक लक्ष्य के लिए सैटेलाइट सिग्नल पर चलते हैं. लेकिन अमेरिका अब खुद ही इस निर्भरता को तोड़ने की तैयारी कर रहा है. जुलाई 2026 में अमेरिकी आर्मी, नेवी और स्पेस फोर्स ने दक्षिणी कैलिफोर्निया के समुद्र में पहली बार ‘हैमर ऑफ द गॉड्स’ नामक सिस्टम का परीक्षण किया. यह लो-सिग्नेचर एमिटर जीपीएस और अन्य पोजिशनिंग सिग्नल को एक क्षेत्र में जाम कर देता है.
  • •यह सिस्टम पारंपरिक हथियार नहीं है. यह कोई मिसाइल या बम नहीं छोड़ता. बल्कि इलेक्ट्रॉनिक वेव्स छोड़कर पोजीशनिंग, नेविगेशन और टाइमिंग (पीएनटी) सिग्नल को बाधित करता है. जमीनी संस्करण पिछले दो साल से अभ्यासों में चल रहे थे. समुद्री परीक्षण पहली बार हुआ, जिसमें सिस्टम को जहाज से लॉन्च किया, चलाया और वापस लाया गया.

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