Aligarh News: अलीगढ़, कार्यालय संवाददाता। बरसात के बाद मंगलवार को मौसम तो खुल गया और धूप निकल आई, लेकिन धनीपुर मंडी में धान के भाव में कोई सुधार नहीं हुआ। भीगने के बाद आई गिरावट अब भी बरकरार है। किसानों को औने-पौने दामों पर धान बेचना पड़ रहा है।मंगलवार को मंडी में दिनभर सुस्ती छाई रही। रात में एक भी नई गाड़ी की एंट्री नहीं की गई। भीगा हुआ माल न बिकने के चलते अन्य गाड़ियों की नो एंट्री किए जाने की घोषणा सोमवार शाम को ही कर दी गई थी। रात में किसी गाड़ी को एंट्री नहीं दी गई। पूरे दिन सिर्फ सोमवार को पहले से आया हुआ माल ही बिका। आढ़ती जयवीर सिंह ने बताया कि धान भीगने के बाद भाव में आई गिरावट में कोई अंतर नहीं आया है। किसानों को कम भाव में ही माल बेचना पड़ रहा है। कई किसान तो बिना माल बेचे ही वापस हो गए। मंगलवार को हाथ का कटा धान 4200 व कंबाइन 3700 रुपये प्रति कुंतल बिका। भाव में 100 रुपये की गिरावट आ गई। भीगने के बाद धान का रंग बदलने लगा है। दाना लाल पड़ जाने के बाद उसे कोई लेना नहीं चाहता। मंगलवार को खिली धूप में किसान अपना धान सड़क पर बिछाकर सुखाते दिखे।

मौसम का ताजा हाल: किन इलाकों में दिखा बड़ा असर?

Aligarh News: अलीगढ़, कार्यालय संवाददाता। बरसात के बाद मंगलवार को मौसम तो खुल गया और धूप निकल आई, लेकिन धनीपुर मंडी में धान के भाव में कोई सुधार नहीं हुआ। भीगने के बाद आई गिरावट अब भी बरकरार है। किसानों को औने-पौने दामों पर धान बेचना पड़ रहा है।मंगलवार को मंडी में दिनभर सुस्ती छाई रही। रात में एक भी नई गाड़ी की एंट्री नहीं की गई। भीगा हुआ माल न बिकने के चलते अन्य गाड़ियों की नो एंट्री किए जाने की घोषणा सोमवार शाम को ही कर दी गई थी। रात में किसी गाड़ी को एंट्री नहीं दी गई। पूरे दिन सिर्फ सोमवार को पहले से आया हुआ माल ही बिका।

आढ़ती जयवीर सिंह ने बताया कि धान भीगने के बाद भाव में आई गिरावट में कोई अंतर नहीं आया है। किसानों को कम भाव में ही माल बेचना पड़ रहा है। कई किसान तो बिना माल बेचे ही वापस हो गए। मंगलवार को हाथ का कटा धान 4200 व कंबाइन 3700 रुपये प्रति कुंतल बिका। भाव में 100 रुपये की गिरावट आ गई। भीगने के बाद धान का रंग बदलने लगा है। दाना लाल पड़ जाने के बाद उसे कोई लेना नहीं चाहता। मंगलवार को खिली धूप में किसान अपना धान सड़क पर बिछाकर सुखाते दिखे।

भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN

तापमान, बारिश और मौसम विभाग के आंकड़े

  • •Aligarh News: अलीगढ़, कार्यालय संवाददाता। बरसात के बाद मंगलवार को मौसम तो खुल गया और धूप निकल आई, लेकिन धनीपुर मंडी में धान के भाव में कोई सुधार नहीं हुआ। भीगने के बाद आई गिरावट अब भी बरकरार है। किसानों को औने-पौने दामों पर धान बेचना पड़ रहा है।मंगलवार को मंडी में दिनभर सुस्ती छाई रही। रात में एक भी नई गाड़ी की एंट्री नहीं की गई। भीगा हुआ माल न बिकने के चलते अन्य गाड़ियों की नो एंट्री किए जाने की घोषणा सोमवार शाम को ही कर दी गई थी। रात में किसी गाड़ी को एंट्री नहीं दी गई। पूरे दिन सिर्फ सोमवार को पहले से आया हुआ माल ही बिका।
  • •आढ़ती जयवीर सिंह ने बताया कि धान भीगने के बाद भाव में आई गिरावट में कोई अंतर नहीं आया है। किसानों को कम भाव में ही माल बेचना पड़ रहा है। कई किसान तो बिना माल बेचे ही वापस हो गए। मंगलवार को हाथ का कटा धान 4200 व कंबाइन 3700 रुपये प्रति कुंतल बिका। भाव में 100 रुपये की गिरावट आ गई। भीगने के बाद धान का रंग बदलने लगा है। दाना लाल पड़ जाने के बाद उसे कोई लेना नहीं चाहता। मंगलवार को खिली धूप में किसान अपना धान सड़क पर बिछाकर सुखाते दिखे।
  • •भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN

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