मेलेनोमा कैंसर के शिकार लोगों के लिए राहत मेलेनोमा, स्किन कैंसर के सबसे खतरनाक प्रकारों में से एक है। इससे जूझ रहे मरीजों के लिए जल्द ही एक नई वैक्सीन उम्मीद की किरण बन सकती है। इस वैक्सीन को हर मरीज के कैंसर के हिसाब से अलग-अलग तैयार किया जाता है। बड़े स्तर पर किए गए क्लिनिकल ट्रायल में इसके उत्साहजनक नतीजे सामने आए हैं। अध्ययन के मुताबिक, इस वैक्सीन को इम्यूनोथेरेपी के साथ देने पर कैंसर के दोबारा लौटने या शरीर के दूसरे अंगों तक फैलने का खतरा 50% तक कम देखा गया। जब कैंसर पास की लिम्फ नोड्स या फेफड़ों, लिवर और दिमाग जैसे दूर के अंगों तक फैल जाता है, तो इससे मरीजों के लिए स्थिति और गंभीर हो जाती है। ऐसे मामलों में केवल 40 प्रतिशत मरीज ही पांच साल तक जीवित रह पाते हैं। इस तरह के खतरे को कम करने के लिए विशेषज्ञों ने नई वैक्सीन के बारे में जानकारी दी है।

घटना कैसे हुई और क्या है पूरा मामला

मेलेनोमा कैंसर के शिकार लोगों के लिए राहत मेलेनोमा, स्किन कैंसर के सबसे खतरनाक प्रकारों में से एक है। इससे जूझ रहे मरीजों के लिए जल्द ही एक नई वैक्सीन उम्मीद की किरण बन सकती है। इस वैक्सीन को हर मरीज के कैंसर के हिसाब से अलग-अलग तैयार किया जाता है। बड़े स्तर पर किए गए क्लिनिकल ट्रायल में इसके उत्साहजनक नतीजे सामने आए हैं। अध्ययन के मुताबिक, इस वैक्सीन को इम्यूनोथेरेपी के साथ देने पर कैंसर के दोबारा लौटने या शरीर के दूसरे अंगों तक फैलने का खतरा 50% तक कम देखा गया।

जब कैंसर पास की लिम्फ नोड्स या फेफड़ों, लिवर और दिमाग जैसे दूर के अंगों तक फैल जाता है, तो इससे मरीजों के लिए स्थिति और गंभीर हो जाती है। ऐसे मामलों में केवल 40 प्रतिशत मरीज ही पांच साल तक जीवित रह पाते हैं। इस तरह के खतरे को कम करने के लिए विशेषज्ञों ने नई वैक्सीन के बारे में जानकारी दी है।

इंटिस्मेरान वैक्सीन के बारे में जानिए इंटिस्मेरान नाम की इस वैक्सीन पर काम कर रहे शोधकर्ताओं का कहना है कि इसके नतीजे कैंसर के इलाज के एक नए दौर की शुरुआत कर सकते हैं।

मुख्य पुष्ट तथ्य और जांच के अहम बिंदु

  • •मेलेनोमा कैंसर के शिकार लोगों के लिए राहत मेलेनोमा, स्किन कैंसर के सबसे खतरनाक प्रकारों में से एक है। इससे जूझ रहे मरीजों के लिए जल्द ही एक नई वैक्सीन उम्मीद की किरण बन सकती है। इस वैक्सीन को हर मरीज के कैंसर के हिसाब से अलग-अलग तैयार किया जाता है। बड़े स्तर पर किए गए क्लिनिकल ट्रायल में इसके उत्साहजनक नतीजे सामने आए हैं। अध्ययन के मुताबिक, इस वैक्सीन को इम्यूनोथेरेपी के साथ देने पर कैंसर के दोबारा लौटने या शरीर के दूसरे अंगों तक फैलने का खतरा 50% तक कम देखा गया।
  • •जब कैंसर पास की लिम्फ नोड्स या फेफड़ों, लिवर और दिमाग जैसे दूर के अंगों तक फैल जाता है, तो इससे मरीजों के लिए स्थिति और गंभीर हो जाती है। ऐसे मामलों में केवल 40 प्रतिशत मरीज ही पांच साल तक जीवित रह पाते हैं। इस तरह के खतरे को कम करने के लिए विशेषज्ञों ने नई वैक्सीन के बारे में जानकारी दी है।
  • •इंटिस्मेरान वैक्सीन के बारे में जानिए इंटिस्मेरान नाम की इस वैक्सीन पर काम कर रहे शोधकर्ताओं का कहना है कि इसके नतीजे कैंसर के इलाज के एक नए दौर की शुरुआत कर सकते हैं।
  • •कैंसर रिसर्च यूके की रिसर्च डायरेक्टर डॉ. कैथरीन इलियट ने इन नतीजों को उत्साहजनक बताया। वह कहती हैं, इससे सर्जरी के बाद मरीजों में दोबारा कैंसर होने की टेंशन को खत्म किया जा सकता है। हर व्यक्ति का कैंसर दूसरे लोगों से अलग हो सकता है। इसलिए मरीज की जरूरत के मुताबिक इलाज तैयार करने पर शोध करना बेहद जरूरी है।

ताजा स्थिति व आगे का अपडेट

इस विकास का सीधा प्रभाव संबंधित क्षेत्र और हितधारकों पर देखा जा रहा है। घटनाक्रम पर पैनी नजर बनी हुई है।