Aaj Ka Mausam: भारत पर एक और तूफानी वेदर सिस्टम का साया गहराने लगा है. नई मौसम प्रणाली विदेश से भारत की ओर बढ़ रही है. वेदर एक्सपर्ट्स ने नए मौसमी चूरन की वजह से बंगाल की खाड़ी का हाजमा खराब होने की आशंका जताई है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, थाईलैंड की खाड़ी में साइक्लोनिक सर्कुलेशन यानी चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है. इसके प्रभाव से अंडमान सागर में 11 अक्टूबर 2026 तक हलचल बढ़ सकती है. यह सिस्टम इसके बाद आगे बढ़ेगा, जिससे बंगाल की खाड़ी में 13 अक्टूबर तक लो-प्रेशर बन सकता है. इसका असर तटवर्ती राज्यों पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश के साथ ही बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर के राज्यों में तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना है. उधर, देश के उत्तरी हिस्से में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है. इसकी वजह से दिल्ली-एनसीआर के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी तेज हवा के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है. IMD के अनुसार, बारिश के साथ ही 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिसकी गति झोंकों के साथ 60 KMPH तक पहुंच सकती है. IMD के अनुसार, देश के कई हिस्सों में अगले 6 दिनों के दौरान बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सहित उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में 10 से 15 अक्टूबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है. उत्तराखंड में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है.
मौसम का ताजा हाल: किन इलाकों में दिखा बड़ा असर?
Aaj Ka Mausam: भारत पर एक और तूफानी वेदर सिस्टम का साया गहराने लगा है. नई मौसम प्रणाली विदेश से भारत की ओर बढ़ रही है. वेदर एक्सपर्ट्स ने नए मौसमी चूरन की वजह से बंगाल की खाड़ी का हाजमा खराब होने की आशंका जताई है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, थाईलैंड की खाड़ी में साइक्लोनिक सर्कुलेशन यानी चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है. इसके प्रभाव से अंडमान सागर में 11 अक्टूबर 2026 तक हलचल बढ़ सकती है. यह सिस्टम इसके बाद आगे बढ़ेगा, जिससे बंगाल की खाड़ी में 13 अक्टूबर तक लो-प्रेशर बन सकता है. इसका असर तटवर्ती राज्यों पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश के साथ ही बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर के राज्यों में तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना है. उधर, देश के उत्तरी हिस्से में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है. इसकी वजह से दिल्ली-एनसीआर के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी तेज हवा के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है. IMD के अनुसार, बारिश के साथ ही 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिसकी गति झोंकों के साथ 60 KMPH तक पहुंच सकती है.
IMD के अनुसार, देश के कई हिस्सों में अगले 6 दिनों के दौरान बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सहित उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में 10 से 15 अक्टूबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है. उत्तराखंड में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है.
थाईलैंड की खाड़ी में चक्रवात जैसा माहौल
तापमान, बारिश और मौसम विभाग के आंकड़े
- •Aaj Ka Mausam: भारत पर एक और तूफानी वेदर सिस्टम का साया गहराने लगा है. नई मौसम प्रणाली विदेश से भारत की ओर बढ़ रही है. वेदर एक्सपर्ट्स ने नए मौसमी चूरन की वजह से बंगाल की खाड़ी का हाजमा खराब होने की आशंका जताई है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, थाईलैंड की खाड़ी में साइक्लोनिक सर्कुलेशन यानी चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है. इसके प्रभाव से अंडमान सागर में 11 अक्टूबर 2026 तक हलचल बढ़ सकती है. यह सिस्टम इसके बाद आगे बढ़ेगा, जिससे बंगाल की खाड़ी में 13 अक्टूबर तक लो-प्रेशर बन सकता है. इसका असर तटवर्ती राज्यों पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश के साथ ही बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर के राज्यों में तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना है. उधर, देश के उत्तरी हिस्से में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है. इसकी वजह से दिल्ली-एनसीआर के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी तेज हवा के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है. IMD के अनुसार, बारिश के साथ ही 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिसकी गति झोंकों के साथ 60 KMPH तक पहुंच सकती है.
- •IMD के अनुसार, देश के कई हिस्सों में अगले 6 दिनों के दौरान बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सहित उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में 10 से 15 अक्टूबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है. उत्तराखंड में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है.
- •थाईलैंड की खाड़ी में चक्रवात जैसा माहौल
ताजा स्थिति व आगे का अपडेट
इस घटनाक्रम पर संबंधित अधिकारियों और प्रशासनिक स्तर पर निरंतर समीक्षा जारी है। ताजा आधिकारिक सूचना के आधार पर विवरण को अद्यतन किया जाएगा।
