वैज्ञानिकों ने 70 ओफियुची नामक एक सिस्टम का अध्ययन किया, जो पृथ्वी से केवल 16 प्रकाश-वर्ष दूर है। उन्होंने पाया कि इस सिस्टम में पृथ्वी के आकार के ग्रह एक स्थिर कक्षा में घूम सकते हैं। दूसरे तारे के गुरुत्वाकर्षण खिंचाव के बावजूद भी इन ग्रहों पर जीवन होने की संभावना बनी रह सकती है।

घटना कैसे हुई और क्या है पूरा मामला

वैज्ञानिकों ने 70 ओफियुची नामक एक सिस्टम का अध्ययन किया, जो पृथ्वी से केवल 16 प्रकाश-वर्ष दूर है।

उन्होंने पाया कि इस सिस्टम में पृथ्वी के आकार के ग्रह एक स्थिर कक्षा में घूम सकते हैं। दूसरे तारे के गुरुत्वाकर्षण खिंचाव के बावजूद भी इन ग्रहों पर जीवन होने की संभावना बनी रह सकती है।

शोधकर्ताओं ने 70 ओफियुची में मौजूद ठंडे और छोटे K-ड्वार्फ तारों (K-बौना तारा) पर ध्यान दिया। उन्होंने 100 साल से भी पुराने डाटा और कंप्यूटर सिमुलेशन का इस्तेमाल किया।

मुख्य पुष्ट तथ्य और जांच के अहम बिंदु

  • •वैज्ञानिकों ने 70 ओफियुची नामक एक सिस्टम का अध्ययन किया, जो पृथ्वी से केवल 16 प्रकाश-वर्ष दूर है।
  • •उन्होंने पाया कि इस सिस्टम में पृथ्वी के आकार के ग्रह एक स्थिर कक्षा में घूम सकते हैं। दूसरे तारे के गुरुत्वाकर्षण खिंचाव के बावजूद भी इन ग्रहों पर जीवन होने की संभावना बनी रह सकती है।
  • •शोधकर्ताओं ने 70 ओफियुची में मौजूद ठंडे और छोटे K-ड्वार्फ तारों (K-बौना तारा) पर ध्यान दिया। उन्होंने 100 साल से भी पुराने डाटा और कंप्यूटर सिमुलेशन का इस्तेमाल किया।

ताजा स्थिति व आगे का अपडेट

संबंधित विभाग और जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं का अध्ययन कर रही हैं। किसी भी नए आधिकारिक अपडेट की पुष्टि होते ही जानकारी साझा की जाएगी।