## घटनाक्रम का विस्तृत विवरण
चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की 91वीं जयंती पर मुजफ्फरनगर में श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई, जिसमें युवाओं ने रक्तदान किया और सीएम योगी व अखिलेश यादव ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर सिख समाज ने गुरुवाणी के साथ बाबा टिकैत को याद किया और गुरु तेग बहादुर के बलिदान पर प्रकाश डाला।
चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की 91वीं जयंती पर मुजफ्फरनगर में श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई, जिसमें युवाओं ने रक्तदान किया और ...और पढ़ें
चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की 91वीं जयंती पर किसान भवन में श्रद्धांजलि सभा।
## मुख्य सत्यापित तथ्य व बिंदु
• युवाओं ने रक्तदान किया; सीएम योगी, अखिलेश यादव ने भी दी श्रद्धांजलि। • सिख समाज ने गुरुवाणी से बाबा टिकैत को याद किया। • संवाद सूत्र, सिसौली (मुजफ्फरनगर)। भाकियू के संस्थापक चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के 91वें जन्म दिवस पर किसान भवन में श्रद्धांजलि सभा हुई। गुरुवाणी से साध संगत ने बाबा टिकैत को याद किया। कहा कि बाबा टिकैत ने किसानों को हक मांगना सिखाया। इसके चलते आज किसान बुलंद आवाज में अपनी बात सरकार के सामने रख रहा है। हरी पगड़ी का जो मान देश-प्रदेश में है, वह उन्हीं की वजह से है। साथ ही कहा कि गुरु तेग बहादुर के बलिदान के कारण सनातन जिंदा है। • मुगलकाल में हुए अत्याचार का सिखों ने पुरजोर विरोध किया, जिसके चलते सनातन की रक्षा हुई। चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की जयंती पर इस बार तीन दिवसीय कार्यक्रम हुए। चार अक्टूबर से किसान भवन में अखंड पाठ शुरू हुआ। इसका मंगलवार को भोग प्रसाद वितरण के साथ समापन हुआ। • इसके साथ ही टिकैत आवास पर यज्ञ का आयोजन हुआ। इसमें बाबा टिकैत के स्वजन, जनप्रतिनिधि और किसानों ने यज्ञ में आहुति डालकर श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं, किसान भवन में अखंड पाठ के बाद साध संगत की ओर से गुरुवाणी की गई। सरदार मनमोहन सिंह, बाबा जग्गा सिंह, बाबा मोहन, बाबा पंडित और बाबा रणजीत सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि शिव, राम, कृष्ण व विष्णु समेत सभी भगवान एक हैं। • केवल पूजा पद्धति अलग है। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर पर औरंगजेब ने सनातन धर्म छोड़कर मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाया था, जिसका उन्होंने विरोध किया। उनके दो परम शिष्य थे, जिन्होंने उनके साथ रहकर मुगलों का मुकाबला किया। आज सनातन गुरु तेग बहादुर के बलिदान के कारण भी जिंदा है। मुगलकाल में हुए अत्याचार का सिखों ने विरोध किया और सर्वोच्च बलिदान दिया। • भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने बाबा टिकैत के जन्मदिन पर तीन दिन तक कार्यक्रमों की जिम्मेदारी संभालने पर सिख समाज का आभार जताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में हुए आंदोलन के दौरान भी सिख समाज ने बहुत सहयोग किया और दिल्ली में निरंतर लंगर चलाया। वहीं, किसानों ने भाकियू संस्थापक के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। अटूट लंगर भी चलाया गया।
## पृष्ठभूमि, असर व आधिकारिक विवरण
कार्यक्रम में संभल के कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेंद्र कश्यप, पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान, पूर्व मंत्री योगराज सिंह आदि मौजूद रहे। वहीं युवाओं ने शिविर में रक्तदान किया। भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत और चौधरी गौरव टिकैत ने सभी का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने बाबा टिकैत को दी श्रद्धांजलि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने एक्स पर लिखा कि महान किसान नेता चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत ने अन्नदाता बंधुओं के अधिकारों और उनके हितों के लिए जीवनपर्यंत संघर्ष किया। अपने नेतृत्व व विचारों से देश के किसानों की आवाज को सशक्त किया। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी एक्स पर बाबा टिकैत को श्रद्धांजलि दी।
यह भी पढ़ें- पेराई सत्र 2025-26: राज्य गन्ना प्रतियोगिता का परिणाम घोषित, मुजफ्फरनगर से हरदोई तक छाया किसानों का जलवा
## तथ्यात्मक संदर्भ व पुष्टि
यह विशेष रिपोर्ट आधिकारिक सार्वजनिक दस्तावेजों और पुष्ट सूचनाओं के आधार पर तैयार की गई है। संपादकीय सत्यापन मानकों के अनुसार राज्य समाचार द्वारा जारी सत्यापित तथ्यों को बिना किसी अनुमान या अप्रमाणित दावों के प्रस्तुत किया गया है।
पूरी खबर, विस्तृत घटनाक्रम और विश्लेषण पढ़ने के लिए क्लिक करें