शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की आराधना के साथ दुर्गा सप्तशती का पाठ करने की परंपरा है। इसमें मां भगवती की महिमा और उनके विभिन्न स्वरूपों का वर्णन मिलता है। आइए जानते हैं दुर्गा सप्तशती का पाठ क्यों किया जाता है और इसका धार्मिक महत्व क्या है। शारदीय नवरात्रि 2026 इस बार बेहद खास मानी जा रही है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, करीब 58 साल बाद नवरात्रि के दौरान गजकेसरी और शश राजयोग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। मान्यता है कि इस विशेष योग का प्रभाव नवरात्रि के धार्मिक महत्व को और बढ़ा सकता है।

## घटनाक्रम का विस्तृत विवरण

शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की आराधना के साथ दुर्गा सप्तशती का पाठ करने की परंपरा है। इसमें मां भगवती की महिमा और उनके विभिन्न स्वरूपों का वर्णन मिलता है। आइए जानते हैं दुर्गा सप्तशती का पाठ क्यों किया जाता है और इसका धार्मिक महत्व क्या है।

शारदीय नवरात्रि 2026 इस बार बेहद खास मानी जा रही है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, करीब 58 साल बाद नवरात्रि के दौरान गजकेसरी और शश राजयोग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। मान्यता है कि इस विशेष योग का प्रभाव नवरात्रि के धार्मिक महत्व को और बढ़ा सकता है।

एशिया का सबसे बड़ा डिजिटल प्रौद्योगिकी मंच इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) का 10वां संस्करण आज से यशोभूमि, नई दिल्ली में शुरू होगा।

## मुख्य सत्यापित तथ्य व बिंदु

• IMC का 10वां संस्करण 7 अक्टूबर से यशोभूमि, नई दिल्ली में। • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 अक्टूबर को करेंगे औपचारिक उद्घाटन। • 6G, AI, सैटेलाइट संचार और 5G विस्तार पर मुख्य विमर्श। • ब्यूरो, नई दिल्ली। एशिया के सबसे बड़े डिजिटल प्रौद्योगिकी मंच इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) के 10वें संस्करण का उद्घाटन बुधवार, 7 अक्टूबर को होगा। नई दिल्ली के यशोभूमि में होने वाला यह सम्मेलन चार दिनों तक चलेगा। इसका औपचारिक उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आठ अक्टूबर को करेंगे। • दूरसंचार विभाग और सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) के संयुक्त तत्वावधान में हो रहे सम्मेलन में टेलीकाम कंपनियां, उपकरण निर्माता, प्रौद्योगिकी फर्म, नीति-निर्माता, स्टार्टअप और निवेशक हिस्सा लेंगे। इस साल का थीम है स्केल विदाउट बाउंड्रीज, यानी तकनीक को प्रयोग की सीमा से निकालकर बड़े पैमाने पर तैनाती और वास्तविक असर तक ले जाना। • इस बार का फोकस अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी पर है। देश-विदेश के विशेषज्ञों व सरकारी प्रतिनिधियों के बीच 6जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एआइ-नेटिव टेलीकॉम नेटवर्क, 5जी से कमाई के ऑडल, सैटेलाइट संचार, सेमीकंडक्टर, क्वांटम संचार, साइबर सुरक्षा, रोबोटिक्स और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर विमर्श होगा। • आयोजन चार स्तंभों पर टिका है, सृष्टि (नवाचार और भविष्य की डिजिटल ढांचा), सुरक्षा (डिजिटल भरोसा), सशक्त (समावेश) और संवर्धन (आर्थिक वृद्धि)।

## पृष्ठभूमि, असर व आधिकारिक विवरण

पिछले दिनों संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसकी थीम जारी करते हुए कहा था कि सरकार का लक्ष्य 2030 तक करीब 100 करोड़ लोगों को 5जी से जोड़ना है। ढाई साल में लगभग 50 करोड़ उपयोगकर्ता 5जी पर आ चुके हैं और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर लगभग 4.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश बताया गया है। अगला जोर भारत 6जी अलायंस के जरिये 6जी और घरेलू टेलीकॉम निर्माण पर होगा।

आईएमसी से यह पता चलेगा कि भारत इन उद्देश्यों को लेकर किस तरह से आगे बढ़ने वाला है। पहले दिन स्पेस एक्स की स्टारलिंक बिजनेस ऑपरेशंस की उपाध्यक्ष लारेन ड्रेयर और जापान के संचार मंत्रालय के उपमंत्री हिदेओ फुसेदा समेत सरकारी व उद्योग वक्ताओं के सत्र होंगे।

आठ अक्टूबर को प्रधानमंत्री के उद्घाटन के बाद रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी, भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक सुनील भारती मित्तल और अदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला के संबोधन अपेक्षित हैं। आयोजकों को 100 से अधिक देशों के 300 से ज्यादा प्रदर्शक और बड़ी संख्या में आगंतुकों की उम्मीद है।

## तथ्यात्मक संदर्भ व पुष्टि

यह विशेष रिपोर्ट आधिकारिक सार्वजनिक दस्तावेजों और पुष्ट सूचनाओं के आधार पर तैयार की गई है। संपादकीय सत्यापन मानकों के अनुसार राष्ट्रीय द्वारा जारी सत्यापित तथ्यों को बिना किसी अनुमान या अप्रमाणित दावों के प्रस्तुत किया गया है।