## घटना कैसे हुई और क्या है पूरा मामला
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Published : October 8, 2026 at 5:05 PM IST
हैदराबाद : EB Prime Team : Cervical Cancer Cervavac WHO : दुनियाभर में सर्वाइकल कैंसर से हर 2 मिनट में एक महिला की मौत हो जाती है. हर साल चीन में इसके सबसे ज्यादा केस आते हैं. जबकि भारत दूसरे नंबर पर है. हालांकि मौतों के मामले में अपना देश टॉप पर है. अमेरिका-ब्रिटेन-चीन-यूरोप और भारत ने इसकी रोकथाम के लिए वैक्सीन बना ली है. वहीं कई देशों के पास कोई वैक्सीन नहीं है.
हाल ही में देश की Cervavac वैक्सीन को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की प्री-क्वालिफिकेशन मंजूरी मिली है. यानी सर्वावैक वैक्सीन सुरक्षा, गुणवत्ता और प्रभावशीलता के वैश्विक मानकों को पूरा करती है. WHO के अनुसार सर्वाइकल कैंसर से विश्व की 90% मौतें उन्हीं देशों में होती हैं जहां वैक्सीन नहीं हैं. ऐसे में अब भारतीय वैक्सीन ऐसे देशों में रहने वाली महिलाओं के लिए उपयोगी साबित होगी, जहां अभी तक इस जानलेवा बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण जैसे इंतजाम नहीं हैं.
World Cancer Research Fund समेत अन्य संगठनों के मुताबिक हर साल सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर) से दुनियाभर में सबसे ज्यादा महिलाओं की मौत भारत में होती है. इसी वजह से सरकार 9 से 14 साल की लड़कियों का 28 फरवरी 2026 से फ्री में टीकाकरण करा रही है. क्या है सर्वाइकल कैंसर?, लक्षण क्या हैं, देश के किस राज्य में इसके ज्यादा केस आते हैं, दुनिया की क्या स्थिति है. वैक्सीन कैसे काम करती है, इस रिपोर्ट में हम ऐसे कई सवालों के जवाब जानेंगे...
## मुख्य पुष्ट तथ्य और जांच के अहम बिंदु
• Google समाचार पर ज़्यादा हेडलाइन और उनके बारे में विशेषज्ञों की राय देखें • Published : October 8, 2026 at 5:05 PM IST • हैदराबाद : EB Prime Team : Cervical Cancer Cervavac WHO : दुनियाभर में सर्वाइकल कैंसर से हर 2 मिनट में एक महिला की मौत हो जाती है. हर साल चीन में इसके सबसे ज्यादा केस आते हैं. जबकि भारत दूसरे नंबर पर है. हालांकि मौतों के मामले में अपना देश टॉप पर है. अमेरिका-ब्रिटेन-चीन-यूरोप और भारत ने इसकी रोकथाम के लिए वैक्सीन बना ली है. वहीं कई देशों के पास कोई वैक्सीन नहीं है. • हाल ही में देश की Cervavac वैक्सीन को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की प्री-क्वालिफिकेशन मंजूरी मिली है. यानी सर्वावैक वैक्सीन सुरक्षा, गुणवत्ता और प्रभावशीलता के वैश्विक मानकों को पूरा करती है. WHO के अनुसार सर्वाइकल कैंसर से विश्व की 90% मौतें उन्हीं देशों में होती हैं जहां वैक्सीन नहीं हैं. ऐसे में अब भारतीय वैक्सीन ऐसे देशों में रहने वाली महिलाओं के लिए उपयोगी साबित होगी, जहां अभी तक इस जानलेवा बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण जैसे इंतजाम नहीं हैं. • World Cancer Research Fund समेत अन्य संगठनों के मुताबिक हर साल सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर) से दुनियाभर में सबसे ज्यादा महिलाओं की मौत भारत में होती है. इसी वजह से सरकार 9 से 14 साल की लड़कियों का 28 फरवरी 2026 से फ्री में टीकाकरण करा रही है. क्या है सर्वाइकल कैंसर?, लक्षण क्या हैं, देश के किस राज्य में इसके ज्यादा केस आते हैं, दुनिया की क्या स्थिति है. वैक्सीन कैसे काम करती है, इस रिपोर्ट में हम ऐसे कई सवालों के जवाब जानेंगे... • सर्वाइकल कैंसर को क्यों माना जाता है साइलेंट किलर? : विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर ह्यूमन पेपिलोमावायरस (HPV) की वजह से होता है. यह वायरस त्वचा, जननांगों और पैरों पर मस्से पैदा करता है. यौन संबंध और स्पर्श के जरिए ये दूसरों में भी पहुंच सकते हैं. ये वायरस मुंह समेत अन्य दूसरे कैंसर का भी कारण बन सकते हैं. HPV 16 और 18 ही सर्वाइकल कैंसर की वजह बनते हैं. शुरू में कोई लक्षण नजर न आने पर सर्वाइकल कैंसर को साइलेंट किलर कहा जाता है. • कैसे काम करती है Cervavac वैक्सीन : केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) के अनुसार Cervavac (सर्वावैक) वैक्सीन को मांसपेशी में लगाया जाता है. यह वैक्सीन शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को एक्टिव कर देती है. इससे चारों तरह के ह्यूमन पेपिलोमावायरस यानी HPV 6, 11, 16 और 18 के खिलाफ एंटीबॉडी और मेमोरी कोशिकाएं बन जाती हैं. आसान भाषा में कहें तो एक मजबूत सुरक्षा कवच तैयार हो जाता है. यह स्थिति भविष्य में वायरस को पनपने से रोकती है. • किसने बनाई Cervavac वैक्सीन, कितने टीके लगते हैं : सर्वावैक (Cervavac) वैक्सीन को देश की सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने विकसित किया है. राष्ट्रीय स्तर पर इसे साल 2023 के जनवरी में लांच किया गया. वैक्सीन को 9 से 14 वर्ष के लड़के और लड़कियां दोनों लगवा सकते हैं. 15 से 26 वर्ष की आयु वर्ग में भी वैक्सीन लगवाई जा सकती है. हालांकि सरकार अभी शुरुआती दौर में फ्री में 9 से 14 साल की लड़कियां को एक खुराक दिलवा रही है. 28 फरवरी 2026 से टीकाकरण की शुरुआत हुई थी. • WHO की प्री-क्वालिफिकेशन मंजूरी के क्या हैं मायने? : विभिन्न मीडिया रिपोर्ट के अनुसार Cervavac को WHO की प्री-क्वालिफिकेशन मंजूरी मिलने से अब वैक्सीन दूसरे देशों में भी उपलब्ध हो सकेगी. यूनिसेफ और अन्य एंजेसियां बड़े पैमाने पर इसे खरीद सकेंगी. अन्य विकासशील और गरीब देशों तक वैक्सीन की पहुंच से सर्वाइकल कैंसर से होने वाले मौतों के आंकड़ों में कमी आएगी. • किस देश में सर्वाइकल कैंसर से ज्यादा केस? : विश्व कैंसर अनुसंधान कोष (World Cancer Research Fund) के साल 2022 के डेटा के अनुसार दुनियाभर में चीन में सर्वाइकल कैंसर के ज्यादा केस आते हैं. भारत इस मामले में दूसरे स्थान पर है. यहां के ग्रामीण इलाकों में इसके केस ज्यादा हैं जबकि शहरी क्षेत्र में कम हैं. सर्वाइकल कैंसर के केसों के मामले में इंडोनेशिया विश्व में तीसरे, ब्राजील चौथे और रूस पांचवें पायदान पर है.
## आधिकारिक कार्रवाई और आगे की स्थिति
सर्वाइकल कैंसर को क्यों माना जाता है साइलेंट किलर? : विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर ह्यूमन पेपिलोमावायरस (HPV) की वजह से होता है. यह वायरस त्वचा, जननांगों और पैरों पर मस्से पैदा करता है. यौन संबंध और स्पर्श के जरिए ये दूसरों में भी पहुंच सकते हैं. ये वायरस मुंह समेत अन्य दूसरे कैंसर का भी कारण बन सकते हैं. HPV 16 और 18 ही सर्वाइकल कैंसर की वजह बनते हैं. शुरू में कोई लक्षण नजर न आने पर सर्वाइकल कैंसर को साइलेंट किलर कहा जाता है.
कैसे काम करती है Cervavac वैक्सीन : केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) के अनुसार Cervavac (सर्वावैक) वैक्सीन को मांसपेशी में लगाया जाता है. यह वैक्सीन शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को एक्टिव कर देती है. इससे चारों तरह के ह्यूमन पेपिलोमावायरस यानी HPV 6, 11, 16 और 18 के खिलाफ एंटीबॉडी और मेमोरी कोशिकाएं बन जाती हैं. आसान भाषा में कहें तो एक मजबूत सुरक्षा कवच तैयार हो जाता है. यह स्थिति भविष्य में वायरस को पनपने से रोकती है.
किसने बनाई Cervavac वैक्सीन, कितने टीके लगते हैं : सर्वावैक (Cervavac) वैक्सीन को देश की सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने विकसित किया है. राष्ट्रीय स्तर पर इसे साल 2023 के जनवरी में लांच किया गया. वैक्सीन को 9 से 14 वर्ष के लड़के और लड़कियां दोनों लगवा सकते हैं. 15 से 26 वर्ष की आयु वर्ग में भी वैक्सीन लगवाई जा सकती है. हालांकि सरकार अभी शुरुआती दौर में फ्री में 9 से 14 साल की लड़कियां को एक खुराक दिलवा रही है. 28 फरवरी 2026 से टीकाकरण की शुरुआत हुई थी.
WHO की प्री-क्वालिफिकेशन मंजूरी के क्या हैं मायने? : विभिन्न मीडिया रिपोर्ट के अनुसार Cervavac को WHO की प्री-क्वालिफिकेशन मंजूरी मिलने से अब वैक्सीन दूसरे देशों में भी उपलब्ध हो सकेगी. यूनिसेफ और अन्य एंजेसियां बड़े पैमाने पर इसे खरीद सकेंगी. अन्य विकासशील और गरीब देशों तक वैक्सीन की पहुंच से सर्वाइकल कैंसर से होने वाले मौतों के आंकड़ों में कमी आएगी.
किस देश में सर्वाइकल कैंसर से ज्यादा केस? : विश्व कैंसर अनुसंधान कोष (World Cancer Research Fund) के साल 2022 के डेटा के अनुसार दुनियाभर में चीन में सर्वाइकल कैंसर के ज्यादा केस आते हैं. भारत इस मामले में दूसरे स्थान पर है. यहां के ग्रामीण इलाकों में इसके केस ज्यादा हैं जबकि शहरी क्षेत्र में कम हैं. सर्वाइकल कैंसर के केसों के मामले में इंडोनेशिया विश्व में तीसरे, ब्राजील चौथे और रूस पांचवें पायदान पर है.
किस देश में सर्वाइकल कैंसर से ज्यादा मौत? : विश्व कैंसर अनुसंधान कोष के डेटा के मुताबिक दुनियाभर में सर्वाइकल कैंसर से साल 2022 में सबसे ज्यादा मौत भारत में हुई थी. 79 हजार 906 महिलाओं ने दम तोड़ दिया था. मौतों के मामले में चीन दूसरे स्थान पर रहा. इस देश में 55 हजार 694 मौतें हुईं थीं. इसी तरह इंडोनेशिया तीसरे पायदान पर रहा. इस देश में 20 हजार 708 मौतें रिकॉर्ड की गईं थीं. 9 हजार 905 मौतों के साथ ब्राजील चौथे, जबकि 7 हजार 903 मौतों के साथ रूस पांचवें स्थान पर रहा.
यूपी में सबसे ज्यादा केस, तमिलनाडु दूसरे स्थान पर : कुछ महीने पहले राज्यसभा में स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में पिछले 5 साल के दौरान सर्वाइकल कैंसर के केसों के मामले में यूपी देशभर में शीर्ष पर है. जबकि तमिलनाडु दूसरे स्थान पर है. साल 2025 में यूपी में सर्वाइकल कैंसर के कुल कुल 11 हजार 530 केस आए थे. जबकि करीब 6 हजार 226 की मौत हो गई थी. तमिलनाडु में साल 2025 में 8 हजार 389 केस आए थे. जबकि करीब 4 हजार 530 की मौत हो गई थी.
## ताजा स्थिति व आगे का अपडेट
इस घटनाक्रम पर संबंधित अधिकारियों और प्रशासनिक स्तर पर निरंतर समीक्षा जारी है। ताजा आधिकारिक सूचना के आधार पर विवरण को अद्यतन किया जाएगा।
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