Varanasi News: वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। एयरफोर्स डे के अवसर पर बनारस में प्रस्तावित एरियल डिस्प्ले का समय मौसम की स्थिति को देखते हुए तय किया जाएगा। फाइटर प्लेन की सुरक्षित उड़ान और कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए मौसम विज्ञानियों की टीम सक्रिय है। टीम केवल कार्यक्रम वाले दिनों 22, 24 और 25 अक्तूबर के मौसम का पूर्वानुमान नहीं देख रही, बल्कि करीब एक सप्ताह पहले से मौसम की गतिविधियों का लगातार अध्ययन कर रही है। सैन्य अफसरों के अनुसार एरियल डिस्प्ले के दौरान विमानों की उड़ान के लिए आसमान की स्थिति के साथ हवा की गति और दिशा बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में मौसम विज्ञानी हवा के प्रवाह, वायुदाब, वातावरण में नमी और अन्य मौसमी परिस्थितियों का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं। मौसम में अचानक होने वाले बदलावों को भी निगरानी में रखा जा रहा है, ताकि उड़ान के समय किसी तरह की प्रतिकूल स्थिति उत्पन्न न हो। बाबतपुर मौसम कार्यालय के प्रभारी मनीष राय ने बताया कि एयर शो के लिए विशेष तौर पर अध्ययन किया जा रहा है। पिंडरा में स्थापित रडार सिस्टम को एयर शो के लिए इसी 15 अक्तूबर से सक्रिय कर दिया जाएगा। इसके पहले बाबतपुर मौसम कार्यालय की निर्भरता लखनऊ पर थी। 15 अक्तूबर से पिंडरा में वाराणसी परिक्षेत्र के लिए हमेशा के लिए सक्रिय हो जाएगा।

## मौसम का ताजा हाल: किन इलाकों में दिखा बड़ा असर?

Varanasi News: वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। एयरफोर्स डे के अवसर पर बनारस में प्रस्तावित एरियल डिस्प्ले का समय मौसम की स्थिति को देखते हुए तय किया जाएगा। फाइटर प्लेन की सुरक्षित उड़ान और कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए मौसम विज्ञानियों की टीम सक्रिय है। टीम केवल कार्यक्रम वाले दिनों 22, 24 और 25 अक्तूबर के मौसम का पूर्वानुमान नहीं देख रही, बल्कि करीब एक सप्ताह पहले से मौसम की गतिविधियों का लगातार अध्ययन कर रही है। सैन्य अफसरों के अनुसार एरियल डिस्प्ले के दौरान विमानों की उड़ान के लिए आसमान की स्थिति के साथ हवा की गति और दिशा बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में मौसम विज्ञानी हवा के प्रवाह, वायुदाब, वातावरण में नमी और अन्य मौसमी परिस्थितियों का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं। मौसम में अचानक होने वाले बदलावों को भी निगरानी में रखा जा रहा है, ताकि उड़ान के समय किसी तरह की प्रतिकूल स्थिति उत्पन्न न हो।

बाबतपुर मौसम कार्यालय के प्रभारी मनीष राय ने बताया कि एयर शो के लिए विशेष तौर पर अध्ययन किया जा रहा है। पिंडरा में स्थापित रडार सिस्टम को एयर शो के लिए इसी 15 अक्तूबर से सक्रिय कर दिया जाएगा। इसके पहले बाबतपुर मौसम कार्यालय की निर्भरता लखनऊ पर थी। 15 अक्तूबर से पिंडरा में वाराणसी परिक्षेत्र के लिए हमेशा के लिए सक्रिय हो जाएगा।

एयर शो के लिए केवल वाराणसी के स्थानीय मौसम को आधार नहीं बनाया जा रहा है। प्रयागराज, गोरखपुर और पटना के अलावा अन्य प्रमुख शहरों का तक के मौसम की जानकारी जुटाई जा रही है। आसपास के बड़े क्षेत्र में हवा के रुख और मौसम की गतिविधियों को समझने के लिए इन स्थानों के आंकड़ों का भी अध्ययन किया जा रहा है। इससे एरियल डिस्प्ले के दौरान संभावित मौसम संबंधी परिस्थितियों का व्यापक आकलन करने में मदद मिलेगी।

फाइटर प्लेन की उड़ान के दौरान हवा की दिशा और गति में बदलाव का विशेष महत्व होता है। इसके अलावा वातावरण में नमी और वायुदाब जैसी परिस्थितियां भी विमान संचालन को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए मौसम विज्ञानियों की टीम इन सभी मानकों को एक साथ देखते हुए संभावित समय का आकलन करेगी। कार्यक्रम के नजदीक आने के साथ मौसम का पूर्वानुमान और अधिक सटीक किया जाएगा।

उड़ान के लिए अनुकूल मौसम और कार्यक्रम में शामिल होने वाले वीवीआईपी अतिथियों की उपलब्धता, दोनों को ध्यान में रखकर एरियल डिस्प्ले का समय निर्धारित किया जाएगा। खासतौर से यह 25 दिसंबर के दिन के लिए निर्धारण होगा। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा अन्य वीवीआईपी का आगमन प्रस्तावित है।

## तापमान, बारिश और मौसम विभाग के आंकड़े

• Varanasi News: वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। एयरफोर्स डे के अवसर पर बनारस में प्रस्तावित एरियल डिस्प्ले का समय मौसम की स्थिति को देखते हुए तय किया जाएगा। फाइटर प्लेन की सुरक्षित उड़ान और कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए मौसम विज्ञानियों की टीम सक्रिय है। टीम केवल कार्यक्रम वाले दिनों 22, 24 और 25 अक्तूबर के मौसम का पूर्वानुमान नहीं देख रही, बल्कि करीब एक सप्ताह पहले से मौसम की गतिविधियों का लगातार अध्ययन कर रही है। सैन्य अफसरों के अनुसार एरियल डिस्प्ले के दौरान विमानों की उड़ान के लिए आसमान की स्थिति के साथ हवा की गति और दिशा बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में मौसम विज्ञानी हवा के प्रवाह, वायुदाब, वातावरण में नमी और अन्य मौसमी परिस्थितियों का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं। मौसम में अचानक होने वाले बदलावों को भी निगरानी में रखा जा रहा है, ताकि उड़ान के समय किसी तरह की प्रतिकूल स्थिति उत्पन्न न हो। • बाबतपुर मौसम कार्यालय के प्रभारी मनीष राय ने बताया कि एयर शो के लिए विशेष तौर पर अध्ययन किया जा रहा है। पिंडरा में स्थापित रडार सिस्टम को एयर शो के लिए इसी 15 अक्तूबर से सक्रिय कर दिया जाएगा। इसके पहले बाबतपुर मौसम कार्यालय की निर्भरता लखनऊ पर थी। 15 अक्तूबर से पिंडरा में वाराणसी परिक्षेत्र के लिए हमेशा के लिए सक्रिय हो जाएगा। • एयर शो के लिए केवल वाराणसी के स्थानीय मौसम को आधार नहीं बनाया जा रहा है। प्रयागराज, गोरखपुर और पटना के अलावा अन्य प्रमुख शहरों का तक के मौसम की जानकारी जुटाई जा रही है। आसपास के बड़े क्षेत्र में हवा के रुख और मौसम की गतिविधियों को समझने के लिए इन स्थानों के आंकड़ों का भी अध्ययन किया जा रहा है। इससे एरियल डिस्प्ले के दौरान संभावित मौसम संबंधी परिस्थितियों का व्यापक आकलन करने में मदद मिलेगी। • फाइटर प्लेन की उड़ान के दौरान हवा की दिशा और गति में बदलाव का विशेष महत्व होता है। इसके अलावा वातावरण में नमी और वायुदाब जैसी परिस्थितियां भी विमान संचालन को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए मौसम विज्ञानियों की टीम इन सभी मानकों को एक साथ देखते हुए संभावित समय का आकलन करेगी। कार्यक्रम के नजदीक आने के साथ मौसम का पूर्वानुमान और अधिक सटीक किया जाएगा। • उड़ान के लिए अनुकूल मौसम और कार्यक्रम में शामिल होने वाले वीवीआईपी अतिथियों की उपलब्धता, दोनों को ध्यान में रखकर एरियल डिस्प्ले का समय निर्धारित किया जाएगा। खासतौर से यह 25 दिसंबर के दिन के लिए निर्धारण होगा। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा अन्य वीवीआईपी का आगमन प्रस्तावित है। • मौसम विज्ञानियों का अध्ययन कार्यक्रम के दिन तक जारी रहेगा। सप्ताहभर पहले से मिल रहे आंकड़ों की तुलना कार्यक्रम के करीब आने पर मिलने वाले ताजा पूर्वानुमान से की जाएगी। इसके बाद फाइटर प्लेन के उड़ान के लिए सबसे सुरक्षित और उपयुक्त समय तय करने में इन आंकड़ों का इस्तेमाल होगा। इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मौसम की अनिश्चितता के बावजूद एरियल डिस्प्ले का सुरक्षित और सुचारु संचालन सुनिश्चित करना है। • भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN

## प्रशासन की एडवाइजरी और सुरक्षा निर्देश

मौसम विज्ञानियों का अध्ययन कार्यक्रम के दिन तक जारी रहेगा। सप्ताहभर पहले से मिल रहे आंकड़ों की तुलना कार्यक्रम के करीब आने पर मिलने वाले ताजा पूर्वानुमान से की जाएगी। इसके बाद फाइटर प्लेन के उड़ान के लिए सबसे सुरक्षित और उपयुक्त समय तय करने में इन आंकड़ों का इस्तेमाल होगा। इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मौसम की अनिश्चितता के बावजूद एरियल डिस्प्ले का सुरक्षित और सुचारु संचालन सुनिश्चित करना है।

भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN

## ताजा स्थिति व आगे का अपडेट

संबंधित विभाग और जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं का अध्ययन कर रही हैं। किसी भी नए आधिकारिक अपडेट की पुष्टि होते ही जानकारी साझा की जाएगी।