पार्थिव पटेल भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर पार्थिव पटेल ने 2010 में चयनकर्ता के साथ हुई बातचीत का हैरतअंगेज खुलासा किया है। वह उस समय भारतीय टीम में वापसी के लिए जमकर मेहनत कर रहे थे। पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज ने दावा किया है कि उस समय चयनकर्ता ने उन्हें क्रिकेट छोड़कर बिजनेस शुरू करने के लिए कहा था। पार्थिव ने बताया कि उनकी चयन को लेकर पहली बातचीत उस समय चीफ सिलेक्टर रहे दिली वेंगसरकर से हुई थी। जिन्होंने कड़ी मेहनत जारी रखने की सलाह दी थी। हालांकि वेंगसकर के जाने के बाद क्रिस श्रीकांत मुख्य चयनकर्ता बने, जिन्हें उन्होंने करारा जवाब दिया। पार्थिव पटेल ने आकाश चोपड़ा के साथ बातचीत में कहा, ''उस समय मुझे शिकायत नहीं हुई, क्योंकि मुझे पता था कि जब मुझे टीम से बाहर किया गया था, तब मेरा प्रदर्शन सही नहीं था। टीम ने लंबे समय बाद भारत में सीरीज गंवाई थी। लेकिन बाद के वर्षों में एक ऐसा दौर आया जब मुझे लगा, 'मैं इससे भी ज्यादा क्या कर सकता हूं? ये उस समय हुआ जब मैंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में लगातार पांच पारियां खेलते हुए 500 से ज्यादा रन बनाए। ये अभी तक भारतीय रिकॉर्ड भी है। भारत में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अभी तक कोई भी बल्लेबाज चाहे सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली या सुनील गावस्कर हो, लगातार 5 पारियों में 500 रन नहीं बना पाया है।''

## मैदान पर क्या हुआ: मुख्य घटनाक्रम और खेल का रुख

पार्थिव पटेल भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर पार्थिव पटेल ने 2010 में चयनकर्ता के साथ हुई बातचीत का हैरतअंगेज खुलासा किया है। वह उस समय भारतीय टीम में वापसी के लिए जमकर मेहनत कर रहे थे। पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज ने दावा किया है कि उस समय चयनकर्ता ने उन्हें क्रिकेट छोड़कर बिजनेस शुरू करने के लिए कहा था। पार्थिव ने बताया कि उनकी चयन को लेकर पहली बातचीत उस समय चीफ सिलेक्टर रहे दिली वेंगसरकर से हुई थी। जिन्होंने कड़ी मेहनत जारी रखने की सलाह दी थी। हालांकि वेंगसकर के जाने के बाद क्रिस श्रीकांत मुख्य चयनकर्ता बने, जिन्हें उन्होंने करारा जवाब दिया।

पार्थिव पटेल ने आकाश चोपड़ा के साथ बातचीत में कहा, ''उस समय मुझे शिकायत नहीं हुई, क्योंकि मुझे पता था कि जब मुझे टीम से बाहर किया गया था, तब मेरा प्रदर्शन सही नहीं था। टीम ने लंबे समय बाद भारत में सीरीज गंवाई थी। लेकिन बाद के वर्षों में एक ऐसा दौर आया जब मुझे लगा, 'मैं इससे भी ज्यादा क्या कर सकता हूं? ये उस समय हुआ जब मैंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में लगातार पांच पारियां खेलते हुए 500 से ज्यादा रन बनाए। ये अभी तक भारतीय रिकॉर्ड भी है। भारत में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अभी तक कोई भी बल्लेबाज चाहे सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली या सुनील गावस्कर हो, लगातार 5 पारियों में 500 रन नहीं बना पाया है।''

उन्होंने आगे कहा, ''जब ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए चयन हो रहा था, मैंने तब चयनकर्ता दिलीप वेंगसरकर को फोन किया और पूछा। उन्होंने मुझसे कहा, 'ये दुर्भाग्यपूर्ण है, अच्छा करते रहो'। लेकिन 2011 तक, हर सीजन में 700-800 रन बनाने के बाद, चयन समिति बदल गई। मैंने वेस्ट जोन के नए चयनकर्ता को फोन करके पूछा कि मेरी संभावनाएं क्या हैं, इस पर मुझे चौंकाने वाली सलाह मिली।''

विकेटकीपर बल्लेबाज ने बताया कि चयनकर्ता ने उनसे कहा, 'तुम 27-28 साल के हो, गुजराती हो, बिजनेस कर सकते हो या नहीं इस बारे में सोचे।' पार्थिव ने कहा, ''इस पर मैंने उन्हें सीधे कहा, अगर आप मुझे चुनना नहीं चाहते हो तो मत करो लेकिन आप किसी को इस तरह हताश मत करो। छीक है, अगर आपकी यही सोच है, लेकिन आपके कार्यकाल में दो साल बचा हुआ है। मैं आपको चुनौती देता हूं कि इन दो सालों में मैं वापसी करूंगा।''

पार्थिव ने 17 साल की उम्र में इंग्लैंड के खिलाफ नॉटिंघम में भारत के लिए टेस्ट डेब्यू किया था। हालांकि दो साल बाद वह टीम से बाहर हो गए। धोनी के डेब्यू के बाद से वह ज्यादातर समय बाहर रहे। उन्होंने चार साल 2008 में डेब्यू किया लेकिन श्रीलंका के खिलाफ उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला।

## खिलाड़ियों का प्रदर्शन और मैच के अहम आंकड़े

• पार्थिव पटेल भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर पार्थिव पटेल ने 2010 में चयनकर्ता के साथ हुई बातचीत का हैरतअंगेज खुलासा किया है। वह उस समय भारतीय टीम में वापसी के लिए जमकर मेहनत कर रहे थे। पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज ने दावा किया है कि उस समय चयनकर्ता ने उन्हें क्रिकेट छोड़कर बिजनेस शुरू करने के लिए कहा था। पार्थिव ने बताया कि उनकी चयन को लेकर पहली बातचीत उस समय चीफ सिलेक्टर रहे दिली वेंगसरकर से हुई थी। जिन्होंने कड़ी मेहनत जारी रखने की सलाह दी थी। हालांकि वेंगसकर के जाने के बाद क्रिस श्रीकांत मुख्य चयनकर्ता बने, जिन्हें उन्होंने करारा जवाब दिया। • पार्थिव पटेल ने आकाश चोपड़ा के साथ बातचीत में कहा, ''उस समय मुझे शिकायत नहीं हुई, क्योंकि मुझे पता था कि जब मुझे टीम से बाहर किया गया था, तब मेरा प्रदर्शन सही नहीं था। टीम ने लंबे समय बाद भारत में सीरीज गंवाई थी। लेकिन बाद के वर्षों में एक ऐसा दौर आया जब मुझे लगा, 'मैं इससे भी ज्यादा क्या कर सकता हूं? ये उस समय हुआ जब मैंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में लगातार पांच पारियां खेलते हुए 500 से ज्यादा रन बनाए। ये अभी तक भारतीय रिकॉर्ड भी है। भारत में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अभी तक कोई भी बल्लेबाज चाहे सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली या सुनील गावस्कर हो, लगातार 5 पारियों में 500 रन नहीं बना पाया है।'' • उन्होंने आगे कहा, ''जब ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए चयन हो रहा था, मैंने तब चयनकर्ता दिलीप वेंगसरकर को फोन किया और पूछा। उन्होंने मुझसे कहा, 'ये दुर्भाग्यपूर्ण है, अच्छा करते रहो'। लेकिन 2011 तक, हर सीजन में 700-800 रन बनाने के बाद, चयन समिति बदल गई। मैंने वेस्ट जोन के नए चयनकर्ता को फोन करके पूछा कि मेरी संभावनाएं क्या हैं, इस पर मुझे चौंकाने वाली सलाह मिली।'' • विकेटकीपर बल्लेबाज ने बताया कि चयनकर्ता ने उनसे कहा, 'तुम 27-28 साल के हो, गुजराती हो, बिजनेस कर सकते हो या नहीं इस बारे में सोचे।' पार्थिव ने कहा, ''इस पर मैंने उन्हें सीधे कहा, अगर आप मुझे चुनना नहीं चाहते हो तो मत करो लेकिन आप किसी को इस तरह हताश मत करो। छीक है, अगर आपकी यही सोच है, लेकिन आपके कार्यकाल में दो साल बचा हुआ है। मैं आपको चुनौती देता हूं कि इन दो सालों में मैं वापसी करूंगा।'' • पार्थिव ने 17 साल की उम्र में इंग्लैंड के खिलाफ नॉटिंघम में भारत के लिए टेस्ट डेब्यू किया था। हालांकि दो साल बाद वह टीम से बाहर हो गए। धोनी के डेब्यू के बाद से वह ज्यादातर समय बाहर रहे। उन्होंने चार साल 2008 में डेब्यू किया लेकिन श्रीलंका के खिलाफ उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला। • हिंमांशु सिंह पिछले 6 वर्षों से खेल पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। • हिमांशु सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। इन्हें हिंदी पत्रकारिता में करीब 6 साल का अनुभव है। इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई आईएमएस (नोएडा) से की है। 2017 में पंचायती टाइम्स वेबसाइट में बतौर ट्रेनी खेल पत्रकारिता का पहला अनुभव हासिल किया। 2018 में स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर के तौर पर ईटीवी से जुड़े। यहां पर करीब तीन साल काम करने के बाद इनसाइडस्पोर्ट्स से जुड़े। यहां पर एक साल तक रहे। उन्होंने 2022 में लाइव हिन्दुस्तान के साथ अपनी पारी की शुरुआत की थी। खेल की बारीकियों को समझने और उन्हें पाठकों तक रोचक अंदाज में पहुंचाने में उन्हें महारत हासिल है। • शैक्षणिक पृष्ठभूमि : हिमांशु ने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईएमएस (नोएडा) से पूरी की है। खेल के प्रति उनके जुनून ने उन्हें करियर की शुरुआत में ही खेल पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया। उन्होंने 2017 में 'पंचायती टाइम्स' वेबसाइट में बतौर ट्रेनी अपने करियर का पहला कदम रखा, जहां उन्होंने खेल रिपोर्टिंग की बुनियादी बारीकियां सीखीं। • खेल विश्लेषण एवं रिपोर्टिंग लाइव मैच कवरेज और डेटा विश्लेषण खिलाड़ियों के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू और प्रोफाइल डिजिटल स्पोर्ट्स कंटेंट स्ट्रेटजी

## मुकाबले का असर और आगामी स्थिति

हिंमांशु सिंह पिछले 6 वर्षों से खेल पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं।

हिमांशु सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। इन्हें हिंदी पत्रकारिता में करीब 6 साल का अनुभव है। इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई आईएमएस (नोएडा) से की है। 2017 में पंचायती टाइम्स वेबसाइट में बतौर ट्रेनी खेल पत्रकारिता का पहला अनुभव हासिल किया। 2018 में स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर के तौर पर ईटीवी से जुड़े। यहां पर करीब तीन साल काम करने के बाद इनसाइडस्पोर्ट्स से जुड़े। यहां पर एक साल तक रहे। उन्होंने 2022 में लाइव हिन्दुस्तान के साथ अपनी पारी की शुरुआत की थी। खेल की बारीकियों को समझने और उन्हें पाठकों तक रोचक अंदाज में पहुंचाने में उन्हें महारत हासिल है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि : हिमांशु ने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईएमएस (नोएडा) से पूरी की है। खेल के प्रति उनके जुनून ने उन्हें करियर की शुरुआत में ही खेल पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया। उन्होंने 2017 में 'पंचायती टाइम्स' वेबसाइट में बतौर ट्रेनी अपने करियर का पहला कदम रखा, जहां उन्होंने खेल रिपोर्टिंग की बुनियादी बारीकियां सीखीं।

खेल विश्लेषण एवं रिपोर्टिंग लाइव मैच कवरेज और डेटा विश्लेषण खिलाड़ियों के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू और प्रोफाइल डिजिटल स्पोर्ट्स कंटेंट स्ट्रेटजी

## ताजा स्थिति व आगे का अपडेट

इस विकास का सीधा प्रभाव संबंधित क्षेत्र और हितधारकों पर देखा जा रहा है। घटनाक्रम पर पैनी नजर बनी हुई है।