Meerut News: छात्र शारीरिक शिक्षा को केवल खेल का विषय न समझें बल्कि इसके सैद्धांतिक और प्रयोगात्मक दोनों पक्षों को गंभीरता से अपनाएं। नियमित कक्षाओं में उपस्थिति से इस क्षेत्र में कॅरियर की नई संभावनाएं खुल सकती हैं। मेरठ कॉलेज के शारीरिक शिक्षा विभगा में ’राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में शारीरिक शिक्षा और खेल: चुनौतियां एवं अवसर’ विषय पर हुई सेमिनार में यह बात जीवाजी विवि ग्वालियर के प्रोफेसर डॉ.केशव सिंह गुर्जर ने कही।बतौर मुख्य वक्ता राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विवि महाराष्ट्र के प्रो. अनिल करवंदे ने कहा कि एनईपी-2020 ने शिक्षा के पारंपरिक वर्गीकरण को समाप्त कर शारीरिक शिक्षा के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोले हैं। अब कला, विज्ञान और वाणिज्य की अलग-अलग सीमाओं से आगे बढ़कर बहुविषयक शिक्षा का दौर शुरू हो चुका है। सत्र की अध्यक्षता मेरठ कॉलेज प्राचार्य प्रो.नीरज कुमार और डीन स्टूडेंट प्रो. अनीता मलिक ने की। प्रो.वीरेंद्र कुमार, प्रो.योगेश कुमार, प्रो.पवन, प्रो.अर्चना सिंह, प्रो.चंद्रशेखर भारद्वाज, प्रो.मनोज सिवाच, प्रो.पंजाब सिंह मलिक, डॉ. पंकज भारती, डॉ.विनय आर्य, डॉ.विपिन चौधरी, डॉ.संदीप सिंह, डॉ.वंशिका सहित सभी विद्यार्थी मौजूद रहे।

## घटना कैसे हुई और क्या है पूरा मामला

Meerut News: छात्र शारीरिक शिक्षा को केवल खेल का विषय न समझें बल्कि इसके सैद्धांतिक और प्रयोगात्मक दोनों पक्षों को गंभीरता से अपनाएं। नियमित कक्षाओं में उपस्थिति से इस क्षेत्र में कॅरियर की नई संभावनाएं खुल सकती हैं। मेरठ कॉलेज के शारीरिक शिक्षा विभगा में ’राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में शारीरिक शिक्षा और खेल: चुनौतियां एवं अवसर’ विषय पर हुई सेमिनार में यह बात जीवाजी विवि ग्वालियर के प्रोफेसर डॉ.केशव सिंह गुर्जर ने कही।बतौर मुख्य वक्ता राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विवि महाराष्ट्र के प्रो. अनिल करवंदे ने कहा कि एनईपी-2020 ने शिक्षा के पारंपरिक वर्गीकरण को समाप्त कर शारीरिक शिक्षा के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोले हैं।

अब कला, विज्ञान और वाणिज्य की अलग-अलग सीमाओं से आगे बढ़कर बहुविषयक शिक्षा का दौर शुरू हो चुका है। सत्र की अध्यक्षता मेरठ कॉलेज प्राचार्य प्रो.नीरज कुमार और डीन स्टूडेंट प्रो. अनीता मलिक ने की। प्रो.वीरेंद्र कुमार, प्रो.योगेश कुमार, प्रो.पवन, प्रो.अर्चना सिंह, प्रो.चंद्रशेखर भारद्वाज, प्रो.मनोज सिवाच, प्रो.पंजाब सिंह मलिक, डॉ. पंकज भारती, डॉ.विनय आर्य, डॉ.विपिन चौधरी, डॉ.संदीप सिंह, डॉ.वंशिका सहित सभी विद्यार्थी मौजूद रहे।

भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN

## मुख्य पुष्ट तथ्य और जांच के अहम बिंदु

• Meerut News: छात्र शारीरिक शिक्षा को केवल खेल का विषय न समझें बल्कि इसके सैद्धांतिक और प्रयोगात्मक दोनों पक्षों को गंभीरता से अपनाएं। नियमित कक्षाओं में उपस्थिति से इस क्षेत्र में कॅरियर की नई संभावनाएं खुल सकती हैं। मेरठ कॉलेज के शारीरिक शिक्षा विभगा में ’राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में शारीरिक शिक्षा और खेल: चुनौतियां एवं अवसर’ विषय पर हुई सेमिनार में यह बात जीवाजी विवि ग्वालियर के प्रोफेसर डॉ.केशव सिंह गुर्जर ने कही।बतौर मुख्य वक्ता राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विवि महाराष्ट्र के प्रो. अनिल करवंदे ने कहा कि एनईपी-2020 ने शिक्षा के पारंपरिक वर्गीकरण को समाप्त कर शारीरिक शिक्षा के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोले हैं। • अब कला, विज्ञान और वाणिज्य की अलग-अलग सीमाओं से आगे बढ़कर बहुविषयक शिक्षा का दौर शुरू हो चुका है। सत्र की अध्यक्षता मेरठ कॉलेज प्राचार्य प्रो.नीरज कुमार और डीन स्टूडेंट प्रो. अनीता मलिक ने की। प्रो.वीरेंद्र कुमार, प्रो.योगेश कुमार, प्रो.पवन, प्रो.अर्चना सिंह, प्रो.चंद्रशेखर भारद्वाज, प्रो.मनोज सिवाच, प्रो.पंजाब सिंह मलिक, डॉ. पंकज भारती, डॉ.विनय आर्य, डॉ.विपिन चौधरी, डॉ.संदीप सिंह, डॉ.वंशिका सहित सभी विद्यार्थी मौजूद रहे। • भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN

## ताजा स्थिति व आगे का अपडेट

इस विकास का सीधा प्रभाव संबंधित क्षेत्र और हितधारकों पर देखा जा रहा है। घटनाक्रम पर पैनी नजर बनी हुई है।