## मौसम का ताजा हाल: किन इलाकों में दिखा बड़ा असर?
सोमवार को अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री रहा। यह सामान्य से 3.7 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 0.2 डिग्री अधिक रहा। अधिकतम आर्द्रता 91 फीसदी व न्यूनतम आर्द्रता 61 फीसदी दर्ज की गई।
लखनऊ समेत पूरे उत्तर प्रदेश में लगभग एक हफ्ते तक मौसम सूखा रहने के बाद, राज्य में मानसून के अंतिम दौर की बारिश की शुरुआत हो चुकी है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बादल गरजने और तेज़ हवाओं के साथ बारिश का यह पहला दौर शुरू हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी की ओर से आ रही नम पुरवा हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ की जुगलबंदी के कारण यह बदलाव आया है। बारिश का यह दौर धीरे-धीरे पूरे राज्य में फैलेगा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक पहुंचेगा। इस पूरे सप्ताह प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई है।
मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी और दिन के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट आ सकती है। हालांकि, मौसम विभाग ने इस दौरान राज्य में कहीं-कहीं ओलावृष्टि (ओले गिरने) की भी संभावना जताई है, जिससे तापमान में और ठंडक महसूस की जाएगी।
लखनऊ में 1 जून से लेकर 30 सितंबर तक मानसून के दौरान सामान्य से 24 फीसदी अधिक बरसात दर्ज की गई है। इस दौरान कुल बरसात 849.3 मिलीमीटर हुई है। जबकि सामान्य बारिश का औसत 683.2 मिलीमीटर रहा है। जून के महीने में लखनऊ में 18.5 मिलीमीटर बरसात हुई। जबकि सामान्य बारिश का औसत 90.2 मिलीमीटर है। यह सामान्य से 80% कम बारिश दर्ज की गई। जुलाई के महीने में भी यही स्थिति बनी रही। इस दौरान 158.4 मिलीमीटर बारिश हुई। जबकि सामान्य बारिश का औसत 227.1 मिलीमीटर रहा। बरसात सामान्य से 30% कम रही।
## तापमान, बारिश और मौसम विभाग के आंकड़े
• सोमवार को अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री रहा। यह सामान्य से 3.7 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 0.2 डिग्री अधिक रहा। अधिकतम आर्द्रता 91 फीसदी व न्यूनतम आर्द्रता 61 फीसदी दर्ज की गई। • लखनऊ समेत पूरे उत्तर प्रदेश में लगभग एक हफ्ते तक मौसम सूखा रहने के बाद, राज्य में मानसून के अंतिम दौर की बारिश की शुरुआत हो चुकी है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बादल गरजने और तेज़ हवाओं के साथ बारिश का यह पहला दौर शुरू हुआ है। • मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी की ओर से आ रही नम पुरवा हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ की जुगलबंदी के कारण यह बदलाव आया है। बारिश का यह दौर धीरे-धीरे पूरे राज्य में फैलेगा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक पहुंचेगा। इस पूरे सप्ताह प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई है। • मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी और दिन के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट आ सकती है। हालांकि, मौसम विभाग ने इस दौरान राज्य में कहीं-कहीं ओलावृष्टि (ओले गिरने) की भी संभावना जताई है, जिससे तापमान में और ठंडक महसूस की जाएगी। • लखनऊ में 1 जून से लेकर 30 सितंबर तक मानसून के दौरान सामान्य से 24 फीसदी अधिक बरसात दर्ज की गई है। इस दौरान कुल बरसात 849.3 मिलीमीटर हुई है। जबकि सामान्य बारिश का औसत 683.2 मिलीमीटर रहा है। जून के महीने में लखनऊ में 18.5 मिलीमीटर बरसात हुई। जबकि सामान्य बारिश का औसत 90.2 मिलीमीटर है। यह सामान्य से 80% कम बारिश दर्ज की गई। जुलाई के महीने में भी यही स्थिति बनी रही। इस दौरान 158.4 मिलीमीटर बारिश हुई। जबकि सामान्य बारिश का औसत 227.1 मिलीमीटर रहा। बरसात सामान्य से 30% कम रही। • अगस्त के महीने में अच्छी बारिश दर्ज हुई। 330.6 मिलीमीटर बरसात पूरे महीने में हुई। जबकि सामान्य बारिश का औसत 202 मिलीमीटर रहा है। इस दौरान सामान्य से 64% फीसदी अधिक बरसात हुई। सितंबर के महीने में रिकॉर्ड सीजन में सबसे अधिक पानी बरसा। पूरे महीने में 342.1 मिलीमीटर बरसात हुई। जबकि सामान्य बारिश का औसत 163.9 मिलीमीटर रहा। यह सामान्य की तुलना में 109% अधिक रहा। • मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि प्रशांत महासागर में एल-नीनो के मजबूत होने के कारण अक्टूबर से दिसंबर के दौरान प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा, अक्टूबर के महीने में रात का तापमान (न्यूनतम तापमान) सामान्य से अधिक रहेगा, जबकि दिन का तापमान सामान्य या उससे थोड़ा ज्यादा रहने की संभावना है। • This website follows the DNPA Code of Ethics .
## प्रशासन की एडवाइजरी और सुरक्षा निर्देश
अगस्त के महीने में अच्छी बारिश दर्ज हुई। 330.6 मिलीमीटर बरसात पूरे महीने में हुई। जबकि सामान्य बारिश का औसत 202 मिलीमीटर रहा है। इस दौरान सामान्य से 64% फीसदी अधिक बरसात हुई। सितंबर के महीने में रिकॉर्ड सीजन में सबसे अधिक पानी बरसा। पूरे महीने में 342.1 मिलीमीटर बरसात हुई। जबकि सामान्य बारिश का औसत 163.9 मिलीमीटर रहा। यह सामान्य की तुलना में 109% अधिक रहा।
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि प्रशांत महासागर में एल-नीनो के मजबूत होने के कारण अक्टूबर से दिसंबर के दौरान प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा, अक्टूबर के महीने में रात का तापमान (न्यूनतम तापमान) सामान्य से अधिक रहेगा, जबकि दिन का तापमान सामान्य या उससे थोड़ा ज्यादा रहने की संभावना है।
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## ताजा स्थिति व आगे का अपडेट
विशेषज्ञों और पर्यवेक्षकों के अनुसार इस कदम के महत्वपूर्ण परिणाम सामने आ सकते हैं। आगे की आधिकारिक घोषणाओं की प्रतीक्षा है।
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