## वारदात कैसे हुई और कैसे खुला राज
सूर्यास्त के बाद क्यों हुआ नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार? बेटे मल्हार ने बताई वजह
शैतान मरा है, मेरे दिल को सुकून पहुंचा है, नाना पाटेकर के निधन पर बोलीं तनुश्री दत्ता
नाना पाटेकर की मौत के मामले में पुलिस जांच: गोवा पुलिस ने दर्ज किया अप्राकृतिक मौत का केस; बेटे ने देर रात ...
2 साल पहले 'वनवास' फिल्म की शूटिंग के लिए शिमला आए थे नाना पाटेकर, एक महीना रुके थे; हिमाचल के लोगों से की मुलाकात
गुरुवार सुबह-सुबह टीवी खोलते ही एक मनहूस ख़बर मेरे सामने चल रही थी कि नाना पाटेकर नहीं रहे.
नाना मेरे लिए सिर्फ़ अभिनेता या सितारा नहीं थे. मैं उनसे बहस कर लेता था, झगड़ लेता था, अपनी बात मनवा लेता था और वह भी कई बार बड़े भाई की तरह मेरी बात मान लेते थे.
किसी के जाने के बाद उसकी ज़िंदगी से जुड़ी यादों की पूरी फ़िल्म आंखों के सामने चलने लगती है.
नाना के जाने की ख़बर भी मेरे लिए एक लंबे सफ़र के ख़त्म होने जैसी है.
## पुलिस जांच व बरामदगी: क्या आया सामने
• सूर्यास्त के बाद क्यों हुआ नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार? बेटे मल्हार ने बताई वजह • शैतान मरा है, मेरे दिल को सुकून पहुंचा है, नाना पाटेकर के निधन पर बोलीं तनुश्री दत्ता • नाना पाटेकर की मौत के मामले में पुलिस जांच: गोवा पुलिस ने दर्ज किया अप्राकृतिक मौत का केस; बेटे ने देर रात ... • 2 साल पहले 'वनवास' फिल्म की शूटिंग के लिए शिमला आए थे नाना पाटेकर, एक महीना रुके थे; हिमाचल के लोगों से की मुलाकात • गुरुवार सुबह-सुबह टीवी खोलते ही एक मनहूस ख़बर मेरे सामने चल रही थी कि नाना पाटेकर नहीं रहे. • नाना मेरे लिए सिर्फ़ अभिनेता या सितारा नहीं थे. मैं उनसे बहस कर लेता था, झगड़ लेता था, अपनी बात मनवा लेता था और वह भी कई बार बड़े भाई की तरह मेरी बात मान लेते थे. • किसी के जाने के बाद उसकी ज़िंदगी से जुड़ी यादों की पूरी फ़िल्म आंखों के सामने चलने लगती है. • नाना के जाने की ख़बर भी मेरे लिए एक लंबे सफ़र के ख़त्म होने जैसी है. • मुझे आज भी वह दिन याद है. इंदौर के जाने-माने विद्वान और रंगकर्मी वसंत दादा पोद्दार के यहां मैं नाना से मिलने गया था. • मार्तंड चौक पर कुछ बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे. नाना अचानक वहां गए और क्रिकेट खेलने लगे. मैं भी शामिल हो गया. • उस समय मैं शायद हायर सेकेंडरी में था या कॉलेज के पहले साल में. नाना तब आज जितने बड़े नाम नहीं थे. • आज पीछे मुड़कर देखता हूं तो लगता है कि मैं उस दिन किसी आम नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण घटना में शामिल था. • इमेज स्रोत, SUJIT JAISWAL/AFP via Getty Images • नाना को उनके लैंडलाइन पर फ़ोन किया और मिलने की इच्छा जताई. उन दिनों वह लोखंडवाला में ससुराल रेस्तरां के ऊपर रहते थे. • औपचारिक बातचीत के बाद नाना ने पूछा, "चाय पिएगा?" • मैंने हां में सिर हिलाया. उन्होंने कहा, "मेरे लिए भी बना लो." • मैं कुछ पल के लिए चौंक गया था. लेकिन कुछ ही घंटों में एक ऐसा रिश्ता शुरू हो गया, जो ज़िंदगी भर चलता रहा. • मैंने एक मीडिया संस्थान के साथ पत्रकारिता शुरू की. नाना से मुलाक़ातें होती रहीं. कभी फ़िल्म के इंटरव्यू के सिलसिले में, कभी कहीं और. • मैं लगभग हर साल उनके गणपति में जाता था. नाना गणपति को बहुत श्रद्धा और दिल से मनाते थे. जब तक गणपति उनके घर में रहते, उन्हें वहां से निकालना लगभग असंभव होता था. • उन दिनों उनकी फ़िल्म 'कमाल धमाल मालामाल' रिलीज़ होने वाली थी. यह प्रियदर्शन की फ़िल्म थी. ओम पुरी, परेश रावल और श्रेयस तलपड़े जैसे कलाकार भी इसमें थे. • गणपति के दौरान इंटरव्यू तय हुआ. नाना के लिए माटुंगा से जोगेश्वरी जाना ही मुश्किल था. • वह ट्रैफ़िक में फंस गए और देर से पहुंचे तो बेहद ग़ुस्से में थे. प्रोडक्शन टीम को डांट लगाने लगे. • इतने में प्रचार टीम की एक सदस्य मेरे पास आई और कहा कि आप ही बात कर लो, वरना इंटरव्यू नहीं हो पाएगा. • मैं भी हिम्मत करके उनके पास गया और कहा, "नाना, ये मेरा इंटरव्यू है." • तब वह थोड़ा शांत हुए और बोले, "पता नहीं यार, ये कौन-सा ताजमहल है, जो मुझे इतनी दूर बुलाया है."
## कानूनी कार्रवाई और आरोपियों की वर्तमान स्थिति
मुझे आज भी वह दिन याद है. इंदौर के जाने-माने विद्वान और रंगकर्मी वसंत दादा पोद्दार के यहां मैं नाना से मिलने गया था.
मार्तंड चौक पर कुछ बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे. नाना अचानक वहां गए और क्रिकेट खेलने लगे. मैं भी शामिल हो गया.
उस समय मैं शायद हायर सेकेंडरी में था या कॉलेज के पहले साल में. नाना तब आज जितने बड़े नाम नहीं थे.
आज पीछे मुड़कर देखता हूं तो लगता है कि मैं उस दिन किसी आम नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण घटना में शामिल था.
इमेज स्रोत, SUJIT JAISWAL/AFP via Getty Images
नाना को उनके लैंडलाइन पर फ़ोन किया और मिलने की इच्छा जताई. उन दिनों वह लोखंडवाला में ससुराल रेस्तरां के ऊपर रहते थे.
औपचारिक बातचीत के बाद नाना ने पूछा, "चाय पिएगा?"
मैंने हां में सिर हिलाया. उन्होंने कहा, "मेरे लिए भी बना लो."
मैं कुछ पल के लिए चौंक गया था. लेकिन कुछ ही घंटों में एक ऐसा रिश्ता शुरू हो गया, जो ज़िंदगी भर चलता रहा.
मैंने एक मीडिया संस्थान के साथ पत्रकारिता शुरू की. नाना से मुलाक़ातें होती रहीं. कभी फ़िल्म के इंटरव्यू के सिलसिले में, कभी कहीं और.
मैं लगभग हर साल उनके गणपति में जाता था. नाना गणपति को बहुत श्रद्धा और दिल से मनाते थे. जब तक गणपति उनके घर में रहते, उन्हें वहां से निकालना लगभग असंभव होता था.
उन दिनों उनकी फ़िल्म 'कमाल धमाल मालामाल' रिलीज़ होने वाली थी. यह प्रियदर्शन की फ़िल्म थी. ओम पुरी, परेश रावल और श्रेयस तलपड़े जैसे कलाकार भी इसमें थे.
## सिलसिलेवार घटनाक्रम और आधिकारिक खुलासे
गणपति के दौरान इंटरव्यू तय हुआ. नाना के लिए माटुंगा से जोगेश्वरी जाना ही मुश्किल था.
वह ट्रैफ़िक में फंस गए और देर से पहुंचे तो बेहद ग़ुस्से में थे. प्रोडक्शन टीम को डांट लगाने लगे.
इतने में प्रचार टीम की एक सदस्य मेरे पास आई और कहा कि आप ही बात कर लो, वरना इंटरव्यू नहीं हो पाएगा.
मैं भी हिम्मत करके उनके पास गया और कहा, "नाना, ये मेरा इंटरव्यू है."
तब वह थोड़ा शांत हुए और बोले, "पता नहीं यार, ये कौन-सा ताजमहल है, जो मुझे इतनी दूर बुलाया है."
इंटरव्यू बहुत अच्छा हुआ. जाते समय उन्होंने कहा, "टोणग्या, तुझा होता म्हणून झाला." यानी तेरे लिए था, इसलिए हो गया.
इमेज स्रोत, Gareth Cattermole/Getty Images for DIFF
समय के साथ रिश्ता और गहरा होता गया. नाना के खड़कवासला वाले फ़ार्महाउस में वसंतोत्सव होता था. मैं वहां भी जाता था.
एक बार नाना ने एक लड़के से मिलवाया और कहा कि वह बहुत अच्छा गाता है. यह दिवंगत शास्त्रीय गायक वसंतराव देशपांडे का पोता है.
उस लड़के ने बहुत अच्छा गाया. वही लड़का आगे चलकर मशहूर गायक पंडित राहुल देशपांडे बना.
नाना हमेशा नए और प्रतिभाशाली कलाकारों के साथ एक मज़बूत सहारे की तरह खड़े रहे.
साल 2007 में, मैं किसी अन्य मीडिया संस्थान में काम कर रहा था.
एक दिन नाना का फ़ोन आया, "क्या कर रहा है?"
मैं गाड़ी लेकर माटुंगा की तरफ़ निकल गया. नाना के बेटे मल्हार को फ़ोन किया तो पता चला कि बाबा पुणे वाले घर या फ़ार्महाउस पर हैं.
## ताजा स्थिति व आगे का अपडेट
इस घटनाक्रम पर संबंधित अधिकारियों और प्रशासनिक स्तर पर निरंतर समीक्षा जारी है। ताजा आधिकारिक सूचना के आधार पर विवरण को अद्यतन किया जाएगा।
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