## मौसम का ताजा हाल: किन इलाकों में दिखा बड़ा असर?
Ghaziabad News: मौसम बदलते ही बढ़ा माइग्रेन का दर्द, महिलाओं में ज्यादा परेशानी
Ghaziabad News: गाजियाबाद, गुलशन भारती। जिले के स्कूल यू डाइस पोर्टल पर डाटा अपलोड करने में लापरवाही बरत रहे हैं। बार-बार कहने के बाद भी पोर्टल पर स्कूल में सुविधाओं, संसाधनों और छात्रों से जुड़ा डाटा अपलोड नहीं किया जा रहा है। इस लापरवाही पर शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों में जल्द से जल्द डाटा अपलोड करने या फिर कार्रवाई के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है। असल में यू डाइस पोर्टल पर स्कूलों को अनिवार्य तौर पर डाटा अपलोड करना होता है। इसमें स्कूलों को अपने यहां कार्यरत शिक्षकों और पढ़ाई कर रहे छात्रों की संख्या समेत कक्षों की संख्या और उपलब्ध संसाधनों का ब्योरा भरना होता है।
बिना यू डाइस के स्कूलों को फर्जी एवं अवैध करार दिया जाता है। शासन स्तर से इसको लेकर लगातार सख्त बरती जा रही है, लेकिन जिले के कई स्कूल इसमें लगातार लापरवाही बरत रहे हैं। कुछ स्कूलों ने तो अभी तक इस वर्ष का आंकड़ा भी अपलोड नहीं किया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी यादव का कहना है कि जिले के सभी स्कूलों को पोर्टल पर अपना डाटा अपडेट करने के लिए कहा गया है। जल्द जानकारी नहीं देने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और यू डाइस पोर्टल से हटा दिया जाएगा। शिक्षा विभाग का कहना है कि जिले में दो हजार से अधिक सरकारी एवं निजी स्कूल हैं। इन सभी को यू डाइस पर डाटा भरना अनिवार्य है।
भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN
## तापमान, बारिश और मौसम विभाग के आंकड़े
• Ghaziabad News: मौसम बदलते ही बढ़ा माइग्रेन का दर्द, महिलाओं में ज्यादा परेशानी • Ghaziabad News: गाजियाबाद, गुलशन भारती। जिले के स्कूल यू डाइस पोर्टल पर डाटा अपलोड करने में लापरवाही बरत रहे हैं। बार-बार कहने के बाद भी पोर्टल पर स्कूल में सुविधाओं, संसाधनों और छात्रों से जुड़ा डाटा अपलोड नहीं किया जा रहा है। इस लापरवाही पर शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों में जल्द से जल्द डाटा अपलोड करने या फिर कार्रवाई के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है। असल में यू डाइस पोर्टल पर स्कूलों को अनिवार्य तौर पर डाटा अपलोड करना होता है। इसमें स्कूलों को अपने यहां कार्यरत शिक्षकों और पढ़ाई कर रहे छात्रों की संख्या समेत कक्षों की संख्या और उपलब्ध संसाधनों का ब्योरा भरना होता है। • बिना यू डाइस के स्कूलों को फर्जी एवं अवैध करार दिया जाता है। शासन स्तर से इसको लेकर लगातार सख्त बरती जा रही है, लेकिन जिले के कई स्कूल इसमें लगातार लापरवाही बरत रहे हैं। कुछ स्कूलों ने तो अभी तक इस वर्ष का आंकड़ा भी अपलोड नहीं किया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी यादव का कहना है कि जिले के सभी स्कूलों को पोर्टल पर अपना डाटा अपडेट करने के लिए कहा गया है। जल्द जानकारी नहीं देने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और यू डाइस पोर्टल से हटा दिया जाएगा। शिक्षा विभाग का कहना है कि जिले में दो हजार से अधिक सरकारी एवं निजी स्कूल हैं। इन सभी को यू डाइस पर डाटा भरना अनिवार्य है। • भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN
## ताजा स्थिति व आगे का अपडेट
संबंधित विभाग और जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं का अध्ययन कर रही हैं। किसी भी नए आधिकारिक अपडेट की पुष्टि होते ही जानकारी साझा की जाएगी।
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