## वारदात कैसे हुई और कैसे खुला राज
मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की Z+ सुरक्षा बढ़ाई गई है।
'25 साल तक चुनाव जीतते रहना कोई छोटी बात नहीं', उमर अब्दुल्ला ने PM मोदी के 25 साल के सफर पर दी बधाई
Hindi देश में तानाशाही चरम पर, चुनाव आयोग केंद्र के इशारे पर काम कर रहा: अब्दुल
'पहले परिसीमन में जो हुआ उसे भूले नहीं', SIR पर उमर का बड़ा बयान; बोले- पात्र वोटरों को सूची से बाहर करना आसान नहीं
इंडिया गठबंधन के मार्च पर CM उमर अब्दुल्ला बोले, ये सिलसिला...
उमर अब्दुल्ला ने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ। (फाइल फोटो) मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के इस्तीफे की मांग जोर पकड़ती जा रही है। कांग्रेस पार्टी ने कल भी दिल्ली में जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। इस बीच इंडिया गठबंधन में शामिल नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) नेता और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने बतौर सरकार प्रमुख 25 साल पूरे करने पर पीएम मोदी को बधाई दी। इस मौके पर उन्होंने कहा कि लगातार 25 वर्षों तक चुनाव जीतना आसान नहीं होता है। कुछ तो उन्होंने जरूर अच्छा किया होगा कि जनता उन्हें वोट दे रही है।
आपको बता दें कि एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष सीईसी के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भी इस्तीफा मांग रहा है।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि 25 साल से ज्यादा समय तक लगातार चुनावी जीत हासिल करना आसान नहीं होता है। श्रीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने पीएम मोदी के लंबे सियासी सफर का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने जरूर कुछ किया होगा कि उन्हें लगातार जीत मिलती रही। उन्होंने कहा कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर 25 साल तक लगातार चुनावी जीत का रिकॉर्ड बनाए रखना कोई आसान काम नहीं है। उन्होंने कहा, "मैं अपने सहयोगियों की ओर से उन्हें बधाई देना चाहता हूं।"
## पुलिस जांच व बरामदगी: क्या आया सामने
• मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की Z+ सुरक्षा बढ़ाई गई है। • '25 साल तक चुनाव जीतते रहना कोई छोटी बात नहीं', उमर अब्दुल्ला ने PM मोदी के 25 साल के सफर पर दी बधाई • Hindi देश में तानाशाही चरम पर, चुनाव आयोग केंद्र के इशारे पर काम कर रहा: अब्दुल • 'पहले परिसीमन में जो हुआ उसे भूले नहीं', SIR पर उमर का बड़ा बयान; बोले- पात्र वोटरों को सूची से बाहर करना आसान नहीं • इंडिया गठबंधन के मार्च पर CM उमर अब्दुल्ला बोले, ये सिलसिला... • उमर अब्दुल्ला ने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ। (फाइल फोटो) मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के इस्तीफे की मांग जोर पकड़ती जा रही है। कांग्रेस पार्टी ने कल भी दिल्ली में जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। इस बीच इंडिया गठबंधन में शामिल नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) नेता और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने बतौर सरकार प्रमुख 25 साल पूरे करने पर पीएम मोदी को बधाई दी। इस मौके पर उन्होंने कहा कि लगातार 25 वर्षों तक चुनाव जीतना आसान नहीं होता है। कुछ तो उन्होंने जरूर अच्छा किया होगा कि जनता उन्हें वोट दे रही है। • आपको बता दें कि एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष सीईसी के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भी इस्तीफा मांग रहा है। • उमर अब्दुल्ला ने कहा कि 25 साल से ज्यादा समय तक लगातार चुनावी जीत हासिल करना आसान नहीं होता है। श्रीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने पीएम मोदी के लंबे सियासी सफर का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने जरूर कुछ किया होगा कि उन्हें लगातार जीत मिलती रही। उन्होंने कहा कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर 25 साल तक लगातार चुनावी जीत का रिकॉर्ड बनाए रखना कोई आसान काम नहीं है। उन्होंने कहा, "मैं अपने सहयोगियों की ओर से उन्हें बधाई देना चाहता हूं।" • इस दौरान उमर अब्दुल्ला ने यह उम्मीद भी जताई कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) में सुप्रीम कोर्ट के दखल से जम्मू-कश्मीर में वोटरों के नाम सूची से नहीं हटाए जाएंगे। अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में परिसीमन का मकसद चुनावों में बीजेपी की मदद करना था, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट वोटरों के नाम हटाए जाने से रोकेगा। • उमर अब्दुल्ला ने इस दौरान ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन के आंदोलन का बचाव किया और भाजपा के इस दावे पर सवाल उठाया कि चुनाव आयोग के खिलाफ लगाए गए आरोप मनगढ़ंत हैं। उन्होंने कहा, ''मनगढ़ंत कहां है? अगर यह मनगढ़ंत था तो उन्होंने उस अखबार के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जिसके जरिये ये सारी बातें सामने आईं? मैंने कहीं भी उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर होते नहीं देखा। कहीं न कहीं 'इंडियन एक्सप्रेस' ने जो खबर दी, वह सही होना चाहिए। अगर वह खबर सही नहीं होती तो सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करती या कम से कम मानहानि का मामला दर्ज करती। उन्होंने ऐसा नहीं किया।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका तार्किक निष्कर्ष यही है कि अखबार ने जो खबर दी थी, वह सही थी। • उन्होंने प्रदर्शन के बारे में पूछे गए सवाल पर कहा, ''हाल में दिल्ली में हुई 'इंडिया' गठबंधन की बैठक में इस बारे में फैसला लिया गया था। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मीडिया के सामने एक महीने का कार्यक्रम घोषित किया था और हम केवल उसे आगे बढ़ा रहे हैं।'' • बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना। • एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़ • हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है। • काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।
## कानूनी कार्रवाई और आरोपियों की वर्तमान स्थिति
इस दौरान उमर अब्दुल्ला ने यह उम्मीद भी जताई कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) में सुप्रीम कोर्ट के दखल से जम्मू-कश्मीर में वोटरों के नाम सूची से नहीं हटाए जाएंगे। अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में परिसीमन का मकसद चुनावों में बीजेपी की मदद करना था, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट वोटरों के नाम हटाए जाने से रोकेगा।
उमर अब्दुल्ला ने इस दौरान ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन के आंदोलन का बचाव किया और भाजपा के इस दावे पर सवाल उठाया कि चुनाव आयोग के खिलाफ लगाए गए आरोप मनगढ़ंत हैं। उन्होंने कहा, ''मनगढ़ंत कहां है? अगर यह मनगढ़ंत था तो उन्होंने उस अखबार के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जिसके जरिये ये सारी बातें सामने आईं? मैंने कहीं भी उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर होते नहीं देखा। कहीं न कहीं 'इंडियन एक्सप्रेस' ने जो खबर दी, वह सही होना चाहिए। अगर वह खबर सही नहीं होती तो सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करती या कम से कम मानहानि का मामला दर्ज करती। उन्होंने ऐसा नहीं किया।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका तार्किक निष्कर्ष यही है कि अखबार ने जो खबर दी थी, वह सही थी।
उन्होंने प्रदर्शन के बारे में पूछे गए सवाल पर कहा, ''हाल में दिल्ली में हुई 'इंडिया' गठबंधन की बैठक में इस बारे में फैसला लिया गया था। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मीडिया के सामने एक महीने का कार्यक्रम घोषित किया था और हम केवल उसे आगे बढ़ा रहे हैं।''
बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।
एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़
हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।
काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।
## ताजा स्थिति व आगे का अपडेट
इस घटनाक्रम पर संबंधित अधिकारियों और प्रशासनिक स्तर पर निरंतर समीक्षा जारी है। ताजा आधिकारिक सूचना के आधार पर विवरण को अद्यतन किया जाएगा।
पूरी खबर, विस्तृत घटनाक्रम और विश्लेषण पढ़ने के लिए क्लिक करें





