## मौसम का ताजा हाल: किन इलाकों में दिखा बड़ा असर?
मंगलवार को जनपद का एक्यूआई 150 के पार पहुंच गया था, जिसमें बुधवार को 50 अंक तक का सुधार दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दिन में हल्की हवा चलने और खिली धूप के चलते प्रदूषक तत्वों का जमावड़ा थोड़ा छंटा है, जिससे सूचकांक लुढ़ककर 103 पर आया। हालांकि जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट आने के साथ ही प्रदूषण का ग्राफ एक बार फिर तेजी से ऊपर चढ़ सकता है। जिले में निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल, सड़कों पर बिना ढके दौड़ते ओवरलोड वाहन और औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाला धुआं वायु गुणवत्ता को लगातार बिगाड़ रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और स्थानीय प्रशासन की ओर से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के तहत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे हवा को और अधिक गंभीर श्रेणी में जाने से रोका जा सके।
101 से 200: मध्यम / येलो जोन (वर्तमान स्तर: 103)
भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN
## तापमान, बारिश और मौसम विभाग के आंकड़े
• मंगलवार को जनपद का एक्यूआई 150 के पार पहुंच गया था, जिसमें बुधवार को 50 अंक तक का सुधार दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दिन में हल्की हवा चलने और खिली धूप के चलते प्रदूषक तत्वों का जमावड़ा थोड़ा छंटा है, जिससे सूचकांक लुढ़ककर 103 पर आया। हालांकि जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट आने के साथ ही प्रदूषण का ग्राफ एक बार फिर तेजी से ऊपर चढ़ सकता है। जिले में निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल, सड़कों पर बिना ढके दौड़ते ओवरलोड वाहन और औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाला धुआं वायु गुणवत्ता को लगातार बिगाड़ रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और स्थानीय प्रशासन की ओर से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के तहत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे हवा को और अधिक गंभीर श्रेणी में जाने से रोका जा सके। • 101 से 200: मध्यम / येलो जोन (वर्तमान स्तर: 103) • भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN
## ताजा स्थिति व आगे का अपडेट
संबंधित विभाग और जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं का अध्ययन कर रही हैं। किसी भी नए आधिकारिक अपडेट की पुष्टि होते ही जानकारी साझा की जाएगी।
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