दिल्ली में 10 अक्तूबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन से पहले 57 मेट्रो स्टेशन बंद करने का फ़ैसला लिया गया है. दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने शुक्रवार को इस संबंध में जानकारी दी. डीएमआरसी के मुताबिक़, 9 अक्तूबर, 2026 को रात 9 बजे से इन स्टेशनों को बंद कर दिया जाएगा. ये स्टेशन अगले आदेश तक बंद रहेंगे.
वारदात कैसे हुई और कैसे खुला राज
दिल्ली में 10 अक्तूबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन से पहले 57 मेट्रो स्टेशन बंद करने का फ़ैसला लिया गया है.
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने शुक्रवार को इस संबंध में जानकारी दी. डीएमआरसी के मुताबिक़, 9 अक्तूबर, 2026 को रात 9 बजे से इन स्टेशनों को बंद कर दिया जाएगा. ये स्टेशन अगले आदेश तक बंद रहेंगे.
डीएमआरसी ने एक्स पर लिखा , "सुरक्षा कारणों से, इन मेट्रो स्टेशनों पर 9 अक्तूबर, 2026 को रात 09:00 बजे से एंट्री और एग्ज़िट के रास्ते बंद रहेंगे. यह रोक 10 अक्तूबर, 2026 को भी अगले आदेश तक जारी रहेगी. हालांकि, नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन को छोड़कर, सभी संबंधित मेट्रो स्टेशनों पर मेट्रो बदलने की सुविधा उपलब्ध रहेगी."
नोबेल कमेटी ने 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नवनेथम 'नवी' पिल्लई के नाम की घोषणा की है.
नोबेल पुरस्कार के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के मुताबिक, पिल्लई को शांति और अंतरराष्ट्रीय क़ानून को बढ़ावा देने की दिशा में उनके प्रयासों के लिए इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाज़ा जाएगा.
दक्षिण अफ़्रीका के डरबन में भारतीय तमिल मूल के परिवार में जन्मीं नवनेथम नावी पिल्लई ने रंगभेद के दौर में भेदभाव और सामाजिक असमानता का सामना किया.
उन्होंने वकालत के पेशे में कदम रखा और कानूनी क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई. पिल्लई ने संस्थागत भेदभाव, नस्लीय अलगाव और समाज से वंचित किए जाने जैसी व्यवस्थागत चुनौतियों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई.
अभी तक प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार दीपक मंडल आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार रौनक भैड़ा रात दस बजे तक आप तक ख़बरें पहुंचाएंगे.
पुलिस जांच व बरामदगी: क्या आया सामने
- •दिल्ली में 10 अक्तूबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन से पहले 57 मेट्रो स्टेशन बंद करने का फ़ैसला लिया गया है.
- •दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने शुक्रवार को इस संबंध में जानकारी दी. डीएमआरसी के मुताबिक़, 9 अक्तूबर, 2026 को रात 9 बजे से इन स्टेशनों को बंद कर दिया जाएगा. ये स्टेशन अगले आदेश तक बंद रहेंगे.
- •डीएमआरसी ने एक्स पर लिखा , "सुरक्षा कारणों से, इन मेट्रो स्टेशनों पर 9 अक्तूबर, 2026 को रात 09:00 बजे से एंट्री और एग्ज़िट के रास्ते बंद रहेंगे. यह रोक 10 अक्तूबर, 2026 को भी अगले आदेश तक जारी रहेगी. हालांकि, नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन को छोड़कर, सभी संबंधित मेट्रो स्टेशनों पर मेट्रो बदलने की सुविधा उपलब्ध रहेगी."
- •नोबेल कमेटी ने 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नवनेथम 'नवी' पिल्लई के नाम की घोषणा की है.
- •नोबेल पुरस्कार के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के मुताबिक, पिल्लई को शांति और अंतरराष्ट्रीय क़ानून को बढ़ावा देने की दिशा में उनके प्रयासों के लिए इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाज़ा जाएगा.
- •दक्षिण अफ़्रीका के डरबन में भारतीय तमिल मूल के परिवार में जन्मीं नवनेथम नावी पिल्लई ने रंगभेद के दौर में भेदभाव और सामाजिक असमानता का सामना किया.
- •उन्होंने वकालत के पेशे में कदम रखा और कानूनी क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई. पिल्लई ने संस्थागत भेदभाव, नस्लीय अलगाव और समाज से वंचित किए जाने जैसी व्यवस्थागत चुनौतियों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई.
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- •जंतर मंतर पर सीजेपी के आंदोलन से पहले पुलिस की ये चेतावनी , दिल्ली में मेट्रो और रेल सर्विस पर ये अहम फ़ैसला
- •भारतीय कंपनियों के ख़िलाफ़ एक्शन : अमेरिकी मंत्री ने कहा- वी आर कटिंग ऑफ़ द हेड ऑफ़ द स्नेक
- •'स्माइलिंग डिप्रेशन ' क्या है और आप इसे कैसे पहचान सकते हैं?
- •मुकेश अंबानी पर एलन मस्क के हमले में राहुल गांधी की एंट्री क्या कांग्रेस की लाइन से अलग है?
- •अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने अपने देश की ओर से आठ टेक्नोलॉजी कंपनियों को परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन कार्यक्रम (पीईआरएम) से बाहर करने के फ़ैसले का समर्थन किया है.
- •अब इस मामले में वेंस के बयान का भारत ने जवाब दिया है.
- •जिन कंपनियों पर कार्रवाई की कई है उनमें माइक्रोसॉफ्ट, एडोबी, कॉग्निज़ेंट, इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (टीसीएस), विप्रो, एचसीएल और कैपजेमिनी शामिल हैं. इन कंपनियों में एच-1बी वीजा के जरिये बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं.
- •भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, '' हम कुछ कंपनियों के लिए पर्मानेंट लेबर सर्टिफिकेशन (पीईआरएम) प्रोग्राम के संबंध में अमेरिकी श्रम विभाग के फ़ैसले से अवगत हैं.''
- •''यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि पीईआरएस कार्यक्रम, एच-1बी वीज़ा कार्यक्रम से अलग है. पीईआरएल आवेदनों पर रोक लगने से मौजूदा एच-1बी वीज़ा की वैधता या एच-1बी वीज़ा धारकों और उनके आश्रितों की स्थिति पर अपने आप कोई असर नहीं पड़ता. हालांकि, इससे प्रभावित कंपनियों के पात्र कर्मचारियों के स्थायी निवास/ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया पर कुछ असर पड़ सकता है.''
- •विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया गया है, '' हमारा मानना है कि इस तरह की टिप्पणियां अनुचित हैं और अमेरिका में भारतीय पेशेवरों के योगदान की अनदेखी करती हैं. भारतीय पेशेवर काफ़ी शिक्षित और कुशल हैं और अमेरिका की अर्थव्यवस्था और इनोवेशन इको सिस्टम में में अहम योगदान देते हैं.''
- •बयान में आगे कहा गया है, ''दरअसल, अमेरिका का इतिहास ख़ुद आप्रवासियों की कई पीढ़ियों ने गढ़ा है, जिनके श्रम, एंटरप्रेन्योरशिप और इनोवेशन ने देश की प्रगति और समृद्धि में योगदान दिया है. ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करना, जिनमें इतिहास के दर्दनाक पहलुओं और औपनिवेशिक विरासत की झलक मिलती हो, बेहद आपत्तिजनक है.''
- •अमेरिका के न्यूयॉर्क सिटी के ब्रॉन्क्स में गुरुवार को अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफ़ोर्समेंट (आईसीई) के एक अधिकारी ने एक व्यक्ति को गोली मार दी.
- •इस एजेंसी का संचालन करने वाले अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने पुष्टि की कि एक “अपराधी अवैध प्रवासी को गिरफ़्तार करने के लिए टारगेटेड एनफॉर्समेंट ऑपरेशन’’ के दौरान आईसीई के एक अधिकारी ने ''अपना हथियार चलाया''.
- •विभाग ने बयान में कहा कि वह व्यक्ति जीवित है और उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
- •न्यूयॉर्क सिटी के मेयर ज़ोहरान ममदानी ने इस पर बेहद नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि ये स्थिति मंजूर नहीं की जा सकती है. ये बेहद गंभीर स्थिति है.
- •उन्होंने कहा,''शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि गोली चलाने से पहले अधिकारियों ने उस व्यक्ति और उसकी कार में मौजूद पांच साल के एक बच्चे को घेर लिया था. कई राउंड गोलियां चलाई गईं. हमारा मानना है कि बच्चे को शारीरिक रूप से कोई चोट नहीं आई है.''
कानूनी कार्रवाई और आरोपियों की वर्तमान स्थिति
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जंतर मंतर पर सीजेपी के आंदोलन से पहले पुलिस की ये चेतावनी , दिल्ली में मेट्रो और रेल सर्विस पर ये अहम फ़ैसला
भारतीय कंपनियों के ख़िलाफ़ एक्शन : अमेरिकी मंत्री ने कहा- वी आर कटिंग ऑफ़ द हेड ऑफ़ द स्नेक
'स्माइलिंग डिप्रेशन ' क्या है और आप इसे कैसे पहचान सकते हैं?
मुकेश अंबानी पर एलन मस्क के हमले में राहुल गांधी की एंट्री क्या कांग्रेस की लाइन से अलग है?
अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने अपने देश की ओर से आठ टेक्नोलॉजी कंपनियों को परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन कार्यक्रम (पीईआरएम) से बाहर करने के फ़ैसले का समर्थन किया है.
अब इस मामले में वेंस के बयान का भारत ने जवाब दिया है.
जिन कंपनियों पर कार्रवाई की कई है उनमें माइक्रोसॉफ्ट, एडोबी, कॉग्निज़ेंट, इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (टीसीएस), विप्रो, एचसीएल और कैपजेमिनी शामिल हैं. इन कंपनियों में एच-1बी वीजा के जरिये बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं.
भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, '' हम कुछ कंपनियों के लिए पर्मानेंट लेबर सर्टिफिकेशन (पीईआरएम) प्रोग्राम के संबंध में अमेरिकी श्रम विभाग के फ़ैसले से अवगत हैं.''
''यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि पीईआरएस कार्यक्रम, एच-1बी वीज़ा कार्यक्रम से अलग है. पीईआरएल आवेदनों पर रोक लगने से मौजूदा एच-1बी वीज़ा की वैधता या एच-1बी वीज़ा धारकों और उनके आश्रितों की स्थिति पर अपने आप कोई असर नहीं पड़ता. हालांकि, इससे प्रभावित कंपनियों के पात्र कर्मचारियों के स्थायी निवास/ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया पर कुछ असर पड़ सकता है.''
विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया गया है, '' हमारा मानना है कि इस तरह की टिप्पणियां अनुचित हैं और अमेरिका में भारतीय पेशेवरों के योगदान की अनदेखी करती हैं. भारतीय पेशेवर काफ़ी शिक्षित और कुशल हैं और अमेरिका की अर्थव्यवस्था और इनोवेशन इको सिस्टम में में अहम योगदान देते हैं.''
बयान में आगे कहा गया है, ''दरअसल, अमेरिका का इतिहास ख़ुद आप्रवासियों की कई पीढ़ियों ने गढ़ा है, जिनके श्रम, एंटरप्रेन्योरशिप और इनोवेशन ने देश की प्रगति और समृद्धि में योगदान दिया है. ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करना, जिनमें इतिहास के दर्दनाक पहलुओं और औपनिवेशिक विरासत की झलक मिलती हो, बेहद आपत्तिजनक है.''
सिलसिलेवार घटनाक्रम और आधिकारिक खुलासे
अमेरिका के न्यूयॉर्क सिटी के ब्रॉन्क्स में गुरुवार को अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफ़ोर्समेंट (आईसीई) के एक अधिकारी ने एक व्यक्ति को गोली मार दी.
इस एजेंसी का संचालन करने वाले अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने पुष्टि की कि एक “अपराधी अवैध प्रवासी को गिरफ़्तार करने के लिए टारगेटेड एनफॉर्समेंट ऑपरेशन’’ के दौरान आईसीई के एक अधिकारी ने ''अपना हथियार चलाया''.
विभाग ने बयान में कहा कि वह व्यक्ति जीवित है और उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
न्यूयॉर्क सिटी के मेयर ज़ोहरान ममदानी ने इस पर बेहद नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि ये स्थिति मंजूर नहीं की जा सकती है. ये बेहद गंभीर स्थिति है.
उन्होंने कहा,''शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि गोली चलाने से पहले अधिकारियों ने उस व्यक्ति और उसकी कार में मौजूद पांच साल के एक बच्चे को घेर लिया था. कई राउंड गोलियां चलाई गईं. हमारा मानना है कि बच्चे को शारीरिक रूप से कोई चोट नहीं आई है.''
ने ममदानी की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया के लिए अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग से संपर्क किया है.
गुरुवार देर शाम न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होकुल ने कहा कि उन्होंने इस गोलीबारी के बारे में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात की है और न्यूयॉर्क के लोगों की ओर से “गहरा आक्रोश” जताया है.
उन्होंने कहा, ''मैंने यह भी अनुरोध किया कि गोलीबारी की बॉडी कैमरा फ़ुटेज जनता के लिए जारी की जाए, ताकि हम तथ्यों को स्थापित कर सकें और सच्चाई सामने ला सकें.''
शनिवार यानी 10 अक्तूबर को दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है.
ताजा स्थिति व आगे का अपडेट
इस घटनाक्रम पर संबंधित अधिकारियों और प्रशासनिक स्तर पर निरंतर समीक्षा जारी है। ताजा आधिकारिक सूचना के आधार पर विवरण को अद्यतन किया जाएगा।
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